अमेरिका-इस्राइल का ईरान पर हमला, 57 की मौत
ईरान ने भी की जवाबी कार्रवाई बहरीन, कुवैत और कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किये हमले
अमेरिका और इस्राइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला किया। पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ। राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता देखा गया। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि हमलों के समय खामेनेई अपने कार्यालय में मौजूद थे या नहीं। हवाई हमलों में ईरान के मीनाब शहर में एक कन्या विद्यालय में 57 लोग मारे गए। यहां ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी’ गार्ड का एक अड्डा है। हमले में 45 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। हमले में ईरानी नेतृत्व के सदस्यों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली कि शीर्ष अधिकारी मारे गए हैं या नहीं। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। परमाणु वार्ता का नवीनतम दौर विफल हो गया था।
उधर, हमलों के जवाब में ईरान ने भी वैसी ही प्रतिक्रिया दी, जैसी वह कई महीनों से देने की धमकी दे रहा था। सबसे पहले उसने इस्राइल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन दागे। इसके बाद उसने बहरीन, कुवैत और कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी पर हुए हमले में ईरानी मिसाइल से एक व्यक्ति की मौत हो गई। बहरीन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया। कुवैत में प्रत्यक्षदर्शियों ने सायरन और विस्फोटों की आवाजें सुनीं। कतर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। कुवैत में अमेरिकी सेना का केंद्र स्थित है। इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, और जॉर्डन में सायरन बजने लगे। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में समुद्री मार्गों और इस्राइल पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले फिर से शुरू करने का फैसला किया है।
संघर्ष की भयावहता का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार दोपहर को पश्चिम एशिया में उड़ानें बाधित हुईं। ईरान में हमले के बाद तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित खामेनेई के परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को बंद कर दिया गया, जबकि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनाई देती रहीं। तेहरान में प्रत्यदर्शियों ने खामेनेई के कार्यालय के पास पहला धमाका सुना। खामेनेई हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। अभियान के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इस्राइली अभियान में ईरान की सेना, सरकारी भवनों और खुफिया ठिकानों को निशाना
बनाया गया।
ईरान की जनता संभाले शासन : ट्रंप
हमले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया। ट्रंप ने एक वीडियो में कहा, ‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लेना। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास एकमात्र मौका होगा।’ ट्रंप ने कहा, ‘सशस्त्र बलों से मैं कहता हूं कि आपको अपने हथियार डाल देने चाहिए, अन्यथा, निश्चित मृत्यु का सामना करना पड़ेगा।’ इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस व्यापक लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद अपने हाथों में ले सकें।’
सभी की संप्रभुता का सम्मान हो : भारत
नयी दिल्ली : भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह किया। भारत ने कहा कि वह घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘तनाव कम करने और मूल मुद्दों को सुलझाने के लिए वार्ता और कूटनीति का सहारा लिया जाना चाहिए। सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थित उसके मिशन भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं। उनसे सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
वैकल्पिक उड़ान से भेजे जाएंगे टी-20 विश्वकप में आए खिलाड़ी
हमले के बाद टी20 विश्व कप से लौटने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) वैकल्पिक उड़ान योजनाओं पर काम कर रहा। ये खिलाड़ी इस समय भारत में हैं।
रूस, चीन ने सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग
मॉस्को : रूस और चीन ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। वहीं, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने क्षेत्र के देशों पर ईरान के हमलों की निंदा करते हुए अमेरिका-ईरान वार्ता फिर से शुरू करने की अपील की है। रूस ने ईरान पर हमले की निंदा की। चीन ने हमलों को अमेरिकी-इस्राइली हमलों को चिंताजनक बताया।
हर मुद्दे पर नकारात्मक टिप्पणी उनकी आदत : भाजपा
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘कांग्रेस नंगई पर उतर आयी है। यह कायरों की सेना है। किसी भी संवेदनशील घटनाक्रम पर नकारात्मक टिप्पणी करना कांग्रेस का स्वभाव बन गया है। यह एक मजबूत (भाजपा के नेतृत्व वाली) सरकार है। यह भारत और उसके लोगों के हित में सभी
निर्णय लेगी।’
पीएम का दौरा शर्मनाक था, क्या वह युद्ध समर्थक हैं : कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘युद्ध की आशंका के बावजूद पीएम मोदी इस्राइल गये। यह शर्मनाक है। मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब भारत के पुराने दोस्त ईरान पर हमला बोल दिया है। मोदी ने अपनी यात्रा का उपयोग तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया? क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?’
पांच घंटे हवा में रहा एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान, फिर मुंबई भेजा
इस्राइल का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान पांच घंटे से अधिक समय तक आसमान में रहा। सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में पहुंचने पर विमानन कंपनी ने मार्ग में परिवर्तन करके विमान को मुंबई लाए जाने का निर्णय लिया। विमानन कंपनी ने इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद भी जताया। एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘28 फरवरी को दिल्ली से तेल अवीव के लिए संचालित उड़ान एआई139 इस्राइली हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण तथा यात्रियों एवं चालक दल की सुरक्षा के मद्देनजर भारत लौटी।’ ईरान पर हमले के बाद दुनियाभर में हवाई उड़ानों पर असर पड़ा है।
दो मार्च तक 11 देशों के हवाई क्षेत्र का न करें इस्तेमाल
विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइंस कंपनियों को 11 देशों के हवाई क्षेत्रों का उपयोग दो मार्च तक न करने की सलाह दी है। इन देशों में ईरान, इस्राइल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। उधर, विमानन कंपनी इंडिगो ने पश्चिम एशिया के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। विमानन कंपनी ने कहा कि उसके लिए यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उधर, एयर इंडिया ने भी कहा है कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और फिलहाल उड़ानें निलंबित करने पर विचार किया जा रहा है।

