US Jobs : भारतीय पेशेवरों के लिए बड़ी खबर: H-1B Visa चयन प्रक्रिया पूरी, आज से करें आवेदन
US Jobs : अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए एच-1बी वीजा के निर्धारित कोटे के तहत चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। विभाग ने नियमित (65,000) और एडवांस डिग्री (20,000) दोनों श्रेणियों के...
US Jobs : अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए एच-1बी वीजा के निर्धारित कोटे के तहत चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। विभाग ने नियमित (65,000) और एडवांस डिग्री (20,000) दोनों श्रेणियों के लिए लॉटरी का काम संपन्न कर लिया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियोक्ताओं को सूचित कर दिया गया है कि वे अब आधिकारिक तौर पर याचिका (Petition) दायर करने के पात्र हैं। भारतीय आईटी विशेषज्ञों और चिकित्सकों के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि वे एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हैं।
आवेदन के लिए मिलेगा 90 दिनों का समय
यूएससीआईएस के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 के लिए एच-1बी कैप-सब्जेक्ट याचिकाएं आज यानी 1 अप्रैल, 2026 से दाखिल की जा सकती हैं। पात्र लाभार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया कम से कम 90 दिनों तक चलेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल उन्हीं के लिए किए जा सकेंगे जिनका चयन प्रारंभिक पंजीकरण प्रक्रिया में हुआ है। नियोक्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे आवेदन के साथ 'चयन नोटिस' की प्रति संलग्न करना न भूलें। इसके अतिरिक्त, इस बार केवल 27 फरवरी, 2026 को जारी फॉर्म I-129 के नए संस्करण को ही स्वीकार किया जाएगा।
वेतन आधारित मॉडल पर रहेगा जोर
इस वर्ष की चयन प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव वीजा आवंटन के तरीके में आया है। अब एच-1बी प्रक्रिया पूरी तरह से वेतन आधारित (Wage-based) मॉडल पर केंद्रित हो गई है। इसका अर्थ है कि उच्च वेतन और उन्नत कौशल वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी श्रम बाजार की जरूरतों को सही ढंग से पूरा करना और वीजा प्रणाली में होने वाली संभावित गड़बड़ियों को रोकना है। आवेदन के समय नियोक्ताओं को कर्मचारी के वेतन स्तर और वैध पासपोर्ट के साक्ष्य भी जमा करने होंगे।
विदेशी नियुक्तियों पर लगेगा भारी शुल्क
नियमों में एक और महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव किया गया है। यदि कोई अमेरिकी नियोक्ता देश (अमेरिका) से बाहर रहने वाले कर्मचारी को स्पॉन्सर करता है, तो उसे 1,00,000 डॉलर (करीब 83 लाख रुपये) का भारी शुल्क देना होगा। सरकार ने यह कदम विदेशी नियुक्तियों पर निर्भरता कम करने और स्थानीय अमेरिकी कार्यबल को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि, भारतीय पेशेवरों की उच्च मांग को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां इस चुनौती के बावजूद नियुक्तियां जारी रखेंगी।
एक नजर में तथ्य :
- कुल कोटा : 85,000 (नियमित + मास्टर डिग्री)।
- आवेदन प्रारंभ: 1 अप्रैल, 2026।
- बदलाव : वेतन के आधार पर प्राथमिकता और बढ़ी हुई फीस।

