Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

नरवणे मुद्दे पर राहुल को बोलने की अनुमति न मिलने पर लोकसभा में हंगामा

कागज उछालने पर वड़िंग, औजला समेत आठ सांसद निलंबित

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
आठ सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी एवं अन्य। -एएनआई
Advertisement

पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े विषय को लेकर लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का नया मोर्चा खुल गया।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फिर से चीन का विषय उठाने का प्रयास किया, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसके विरोध में विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और आसन के समीप कागज उछालकर फेंके। इस पर आठ विपक्षी सांसदों को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। इनमें कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी, मणिकम टैगोर और माकपा के एस. वेंकटेशन शामिल हैं।

Advertisement

निलंबित सदस्यों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके साथ राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी सांसद विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे पहले, राहुल गांधी के चीन का विषय उठाने, अमेरिका से व्यापार समझौते और कुछ अन्य विषयों को लेकर सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

Advertisement

बिरला को राहुल का पत्र : सरकार के इशारे पर बोलने से रोकना लोकतंत्र पर धब्बा

राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि संसदीय इतिहास में पहली बार सरकार के इशारे पर अध्यक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकना पड़ा, यह हमारे लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख काे लेकर राहुल ने कहा कि इसे सदन के पटल पर रखने के बावजूद मुझे बोलने से रोका गया।

Advertisement
×