नरवणे मुद्दे पर राहुल को बोलने की अनुमति न मिलने पर लोकसभा में हंगामा
कागज उछालने पर वड़िंग, औजला समेत आठ सांसद निलंबित
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े विषय को लेकर लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का नया मोर्चा खुल गया।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फिर से चीन का विषय उठाने का प्रयास किया, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसके विरोध में विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और आसन के समीप कागज उछालकर फेंके। इस पर आठ विपक्षी सांसदों को वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। इनमें कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, गुरदीप सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी, मणिकम टैगोर और माकपा के एस. वेंकटेशन शामिल हैं।
निलंबित सदस्यों ने संसद परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके साथ राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी सांसद विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे पहले, राहुल गांधी के चीन का विषय उठाने, अमेरिका से व्यापार समझौते और कुछ अन्य विषयों को लेकर सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।
बिरला को राहुल का पत्र : सरकार के इशारे पर बोलने से रोकना लोकतंत्र पर धब्बा
राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि संसदीय इतिहास में पहली बार सरकार के इशारे पर अध्यक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोकना पड़ा, यह हमारे लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है। पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण पर आधारित लेख काे लेकर राहुल ने कहा कि इसे सदन के पटल पर रखने के बावजूद मुझे बोलने से रोका गया।

