Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

UPI App Facility: डिजिटल सुविधा का विस्तार, यूपीआई ऐप के जरिए एनपीएस खाता खोल सकेंगे नए अंशधारक

UPI App Facility: पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरपर्सन एस. रमन ने बृहस्पतिवार को 'एनपीएस तत्काल' योजना की शुरुआत की। इसके तहत अब यूपीआई ऐप के जरिये भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खाता खोला जा सकेगा। उन्होंने...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सांकेतिक चित्र
Advertisement

UPI App Facility: पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरपर्सन एस. रमन ने बृहस्पतिवार को 'एनपीएस तत्काल' योजना की शुरुआत की। इसके तहत अब यूपीआई ऐप के जरिये भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खाता खोला जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत यूपीआई ऐप के माध्यम से नए अंशधारकों को एनपीएस से जोड़ा जाएगा। इसकी शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के भीम यूपीआई ऐप से की जा रही है। रमन ने कहा कि प्राधिकरण का अगले दो साल में एनपीएस से करीब दो से तीन करोड़ नए अंशधारक जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक पांच बैंक 'एनपीएस तत्काल' से जुड़ चुके हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल हैं।

Advertisement

रमन ने एनपीएस दिवस के अवसर पर कहा, ''हम वास्तव में अगले दो वर्षों में करीब दो से तीन करोड़ अंशधारकों के जुड़ने की उम्मीद कर रहे हैं। एनपीएस तत्काल हमें एनपीएस की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।'' 'एनपीएस तत्काल' के तहत केवाईसी सत्यापित बैंक खाते का उपयोग कर यूपीआई ऐप के माध्यम से एनपीएस खाता खोला जा सकता है और यूपीआई के जरिए अंशदान भी किया जा सकता है। इस योजना से मझोले (टियर 2) और छोटे (टियर 3) शहरों में पेंशन दायरा बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

Advertisement

पीएफआरडीए प्रमुख ने उम्मीद जताई कि असंगठित क्षेत्र से अधिक लोग 'एनपीएस तत्काल' के माध्यम से पेंशन योजना से जुड़ेंगे। अब तक ग्राहक भीम या बैंक के यूपीआई ऐप के जरिये सीधे एनपीएस से नहीं जुड़ सकते थे और न ही नया एनपीएस खाता खोल सकते थे। हालांकि, मौजूदा अंशधारक इसके जरिये बाद में अंशदान कर सकते थे।

एनपीएस में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए अंशधारकों को पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण कर 'स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या' (पीआरएएन) प्राप्त करनी होती थी। सरकार ने एक जनवरी, 2004 को पुरानी पेंशन व्यवस्था की जगह अंशदान आधारित एनपीएस की शुरुआत की थी।

एनपीएस के तहत व्यक्ति अपने कामकाजी वर्षों के दौरान अंशदान करते हैं और उनकी सेवानिवृत्ति बचत को बाजार से जुड़े निवेश माध्यमों में लगाया जाता है। जमा राशि का उपयोग सेवानिवृत्ति लाभ देने के लिए किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस अनिवार्य है, जबकि निजी क्षेत्र के लोग स्वेच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं।

Advertisement
×