UP Politics : ‘काली कमाई के साझेदार सत्ताधारी’, BJP पर अखिलेश यादव का तीखा वार
सपा प्रमुख का कहना है कि भाजपा अंतिम पारी का अंतिम चरण खेल रही है
UP Politics : समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक बार फिर कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि अरबों की इस काली-कमाई में ‘सत्ताधारी की भागीदारी' है, इसीलिए भाजपा राज में जनता अभागी मारी-मारी फिर रही है।
यादव ने एक्स पर “2.24 करोड़ बोतलें शुभम (शुभम जायसवाल, अवैध कारोबार का आरोपी) ने बांग्लादेश भेजी” शीर्षक वाली खबर का क्लिप साझा करते लिखा कि जिसे पहले लोग स्थानीय अपराध समझ रहे थे, जब पहली परत खुली तो वह राज्यव्यापी निकला, फिर एक और परत खुली तो राष्ट्रव्यापी निकला और अब एशिया स्तरीय अपराध के रूप में सामने आ रहा है।
यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म नहीं हुआ है बल्कि प्रमोशन पा गया है। उत्तर प्रदेश में भाजपा का ‘महा-माफ़िया राज' है, जो लोगों के घरों में ‘बोतल-बंद' होकर पहुंच रहा है और जानलेवा साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अरबों की काली-कमाई में ‘सत्ताधारी की भागीदारी' है, इसीलिए भाजपा राज में मारी-मारी जनता अभागी फिर रही है।
सपा प्रमुख का कहना है कि भाजपा अंतिम पारी का अंतिम चरण खेल रही है, उसके ओवर अब ‘ओवर' हो गए हैं। भाजपा की पूरी टीम मैच खत्म होने से पहले ही ‘ऑल आउट' हो रही है। कोडीन आधारित कफ सिरप के अवैध कारोबार के मामले को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों खासतौर से सपा के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अभी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा खूब जोर शोर से उठा।
सपा सदस्यों ने सदन के अंदर से लेकर बाहर तक जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया। विधानसभा सत्र के पहले ही दिन (19 दिसंबर,2025) सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि इस मामले की जांच के लिए एक राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम काम कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस और एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) के अधिकारी शामिल हैं।
किन-किन लोगों तक इस अवैध कारोबार का पैसा पहुंचा है, यह सब जांच में सामने आएगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनके बारे में बस यही कहूंगा-‘यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा। योगी ने कहा था कि माफियाओं के साथ इनकी (अखिलेश यादव) भी तस्वीरें हैं।
जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा। सदन में की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार ने 79 मामले दर्ज किए हैं, 225 लोग नामजद हैं और 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 134 कंपनियों पर छापे मारे गए हैं। इस रैकेट से जुड़े लेन-देन की एसटीएफ जांच कर रही है। अगर गहराई से जांच की जाए तो समाजवादी पार्टी के नेताओं या पदाधिकारियों से इसके संबंध सामने आते हैं।

