UP News : बयान देना है तो प्रेस विज्ञप्ति भेज दें, समय क्यों खराब कर रहे; महिला पत्रकार के सवाल पर विवाद, अखिलेश ने CM योगी पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता का नाम बदलकर 'प्रेस एकालाप' कर देना चाहिये: अखिलेश यादव
UP News : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी 'प्रेस वार्ता' का नाम बदलकर 'प्रेस एकालाप' कर देना चाहिए। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रेसवार्ता में महिला पत्रकार द्वारा एक सवाल पूछने पर जवाब भी नहीं दिया गया बल्कि उसका अंजाम यह हुआ कि महिला पत्रकार को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यालय में उन्हें घेरकर धमकियां दी गईं और बुलडोजर तक चलाने का खौफ पैदा किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकतंत्र की हत्या करने का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है। यादव ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''नाम बदलने वाले अब 'प्रेस वार्ता' का नाम बदलकर 'प्रेस एकालाप' कर दें क्योंकि जब सिर्फ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप 'वार्ता' शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों खराब कर रहे हैं, प्रेस विज्ञप्ति भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।''
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ''सत्य यह है कि उत्तर प्रदेश में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुंह मोड़कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।'' पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सरकार शासन में पक्षपात और प्रेस वार्ता में एकतरफा बयानबाजी कर रही है। उन्होंने तंज कसा, ''अब क्या ये भी कहेंगे कि 'प्रश्न सुनने के मूड में नहीं हैं'।'' यादव ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का प्रयास करती नजर आ रही हैं। वीडियो में योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता के बाद वहां से जाते दिखाई दे रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेसवार्ता में महिला पत्रकार द्वारा एक सवाल पूछने पर जवाब भी नहीं दिया गया बल्कि उसका अंजाम यह हुआ कि महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, भाजपा दफ्तर में उन्हें घेरकर धमकियां दी गईं और बुलडोजर तक चलाने का खौफ पैदा किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकतंत्र की हत्या करने का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश में 'डबल इंजन' की योगी सरकार का असली लोकतंत्र विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।
राय ने कहा है कि सत्ता के मद में भाजपा और मुख्यमंत्री चूर हो गये हैं क्योंकि जब सवाल पूछने पर खुफिया तंत्र (एलआईयू) पीछे लगा दिया जाए, काम छीन लिया जाए और पत्रकार की सुरक्षा छीनकर उसे रोने पर मजबूर कर दिया जाए, तो साफ समझ आता है कि हर मंच से 'सुशासन' के बड़े-बड़े दावों के पीछे कितना गहरा सन्नाटा और तानाशाही छिपी हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार का यह सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चैाथे स्तम्भ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने की इतनी कठोर सजा यह साबित करती है कि योगी सरकार अपने खिलाफ उठने वाली हर निष्पक्ष आवाज को कुचलने पर पूरी तरह आमादा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पत्रकारों के खिलाफ हो रहे लोकतंत्र विरोधी कृत्य का पुरजोर विरोध करती है और पीड़ित पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के साथ खड़ी है। योगी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की घोषणा के लिए शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ संवाददाता सम्मेलन किया था। प्रेस वार्ता के दौरान आदित्यनाथ ने अभियान के तहत राज्यभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई जबकि चौधरी ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

