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UP News : सीएम योगी ने बिना नाम लिए सपा प्रमुख को घेरा, कहा- ये कौन लोग थे जो अंधविश्वास को मानते थे

योगी ने अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्हें 'भारत की आस्था पर उंगली' उठाने वाला 'अंधविश्वासी व्यक्ति' बताया

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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए उन्हें 'भारत की आस्था पर उंगली' उठाने वाला 'अंधविश्वासी व्यक्ति' करार दिया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लिये बगैर उन पर तंज किया और कहा, ''ये कौन लोग थे, जो अंधविश्वास को मानते थे, जिन्होंने भारत की आस्था पर उंगली उठाने का दुस्साहस किया?''

उन्होंने अखिलेश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए, उन्होंने (अखिलेश यादव) कभी नोएडा का दौरा नहीं किया। फिर भी आज अपनी बांटने वाली राजनीति से प्रेरित होकर वह नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहुंचे। उस समय उन्होंने इस क्षेत्र के विकास में रुकावट डाली थी और बाधाएं खड़ी की थीं। आज वे किस हैसियत से विकास की बात करते हैं? मेरे कपड़ों को देखकर लोग मानते होंगे कि मैं अंधविश्वास को मानता हूं। मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता।

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उन्होंने आगे कहा कि मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना है। मैंने कहा क्यों? क्या वहां मुख्यमंत्री नहीं जाते? मैंने कहा क्या नोएडा उत्तर प्रदेश से बाहर है? बताया गया कि यह मान्यता है कि वहां जाएंगे तो मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतर जाएंगे। हमने कहा कि कुर्सी से एक न एक दिन जाना ही है, तो कुर्सी के मोह में हम क्यों पड़ें? मैं वहां जरूर जाऊंगा और गया भी था। आदित्यनाथ ने लखनऊ में जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) का जिक्र करते हुए कहा कि जय प्रकाश नारायण इस देश की एक कद्दावर हस्ती थे और आपातकाल के दौर के एक महान स्वतंत्रता सेनानी तथा पक्के समाजवादी थे और पूरा देश उन्हें उस नायक के रूप में श्रद्धा व सम्मान के साथ याद करता है।

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आदित्यनाथ ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि जेपीएनआईसी की अनुमानित लागत कितनी थी? जब भी कोई इमारत बनाने की परियोजना हाथ में ली जाती है तो उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनती है। एक बार यह रिपोर्ट तैयार हो जाने के बाद न तो दरें और न ही कुल लागत का अनुमान बदला जा सकता है, क्योंकि पूरी योजना विशेषज्ञों के एक पैनल द्वारा तैयार की जाती है। उस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में लागत 200 करोड़ रुपये तय की गई थी, मगर असल में चौंकाने वाली बात है कि इसमें 800 करोड़ रुपये खर्च हुए। आज तक वह परियोजना अधूरी है। यह है समाजवादी पार्टी का विकास मॉडल।

उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की ओर इशारा करते हुए कहा कि उसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपये थी और खर्च हुए 1,400 करोड़ रुपये। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, ''जिस राज्य को कभी बीमारू कहा जाता था, हमने उसे भारत की अर्थव्यवस्था का वृद्धि इंजन बना दिया है। जिस राज्य के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी धन नहीं होता था आज उसके पास राजस्व अधिशेष है। कभी देश की सबसे ज़्यादा आबादी वाला लेकिन प्रति व्यक्ति आय में सबसे नीचे यानी सबसे पिछड़े पांच-छह राज्यों में गिना जाने वाला यह राज्य आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।''

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का ज़िक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने ही इस हवाई अड्डे को बनाया है। इसका मतलब है कि अगर हमारी आबादी सबसे ज्यादा है, तो हम काम भी सबसे बड़े करेंगे। और कल हमने जेवर में यही करके दिखाया। जब यह पूरी तरह से चालू हो जाएगा तो दुनिया के इस सबसे बड़े हवाई अड्डे से सीधे तौर पर एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।''

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