हिमाचल कॉलेज में रैगिंग के आरोप में दो एमबीबीएस छात्र निलंबित
उगाही के प्रयास के लिए जूनियर छात्र पर भी लगा जुर्माना हिमाचल प्रदेश के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक जूनियर छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट करने के आरोप में दो एमबीबीएस छात्रों...
उगाही के प्रयास के लिए जूनियर छात्र पर भी लगा जुर्माना
हिमाचल प्रदेश के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक जूनियर छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट करने के आरोप में दो एमबीबीएस छात्रों को निलंबित कर दिया है। वहीं जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता जूनियर छात्र ने एंटी-रैगिंग प्रावधानों का दुरुपयोग कर सीनियर छात्रों से पैसे वसूलने की कोशिश की थी, उस पर भी जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच के बाद की गई है। समिति ने 2024 बैच के दूसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र शुभम सिंह द्वारा 19 दिसंबर, 2025 को दर्ज कराई गई शिकायत की जांच की। शुभम ने आरोप लगाया था कि उसके सीनियर चौथे वर्ष के एमबीबीएस के छात्र हर्ष और प्रशांत झा ने 18 दिसंबर को कॉलेज परिसर के भीतर उसके हॉस्टल के कमरे में उसके साथ मारपीट की थी।
इसके बाद कॉलेज अधिकारियों ने बल्ह थाना प्रभारी को सूचित किया और आंतरिक जांच शुरू की। कमेटी के निष्कर्षों को बाद में कॉलेज की एंटी-रैगिंग समिति के सामने पेश किया गया।
कमेटी के सामने दोनों सीनियर छात्रों ने जूनियर के साथ मारपीट की बात स्वीकार कर ली थी और वे रैगिंग से संबंधित कदाचार के दोषी थे। जांच में खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ता ने पहले विवाद सुलझाने के बदले में आरोपी छात्रों से पैसे वसूलने की कोशिश की थी और अपने निजी स्वार्थ के लिए एंटी-रैगिंग एक्ट का दुरुपयोग किया था। बताया गया कि दोनों आरोपी सीनियर पहले भी कॉलेज से निलंबन झेल चुके हैं।
प्रिंसिपल डॉ. डी.के. वर्मा ने कहा कि कॉलेज ने अनुशासनहीनता के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। उन्होंने बताया, एंटी-रैगिंग और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सिफारिश पर हर्ष और प्रशांत को तीन महीने के लिए कॉलेज से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें एक साल के लिए हॉस्टल से भी निकाल दिया गया है और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि शिकायतकर्ता के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। उसे छह सप्ताह के लिए हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

