Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Trump Tariffs : पंजाबी कड़े ने कानूनी जंग में दी हिम्मत, टैरिफ मामले में भारतीय वकील की दमदार दलील

कात्याल ने छोटे व्यवसायों की ओर से इस महत्वपूर्ण टैरिफ मामले में बहस की

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Trump Tariffs : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक प्रभाव वाले वैश्विक टैरिफ को निरस्त करने संबंधी ऐतिहासिक फैसले के केंद्र में एक भारतीय मूल के वकील हैं, जिन्होंने अमेरिका की शीर्ष अदालत में इन शुल्कों की अवैधता के खिलाफ दलील दी। किसने सोचा होगा कि ट्रंप के व्यापक टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के पीछे कहीं एक पारंपरिक पंजाबी 'कड़ा' था, जिसने उस भारतीय-अमेरिकी वकील को ताकत प्रदान की। उसी ने स्थिति को पलटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारतीय प्रवासी के पुत्र और राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में पूर्व अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल रहे नील कात्याल ने छोटे व्यवसायों की ओर से इस महत्वपूर्ण टैरिफ मामले में बहस की व जीत हासिल की। फैसला आने के तुरंत बाद कात्याल ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि विजय। कात्याल ने एमएस नाउ के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि आज जो कुछ हुआ है वह अमेरिकी प्रणाली में बेहद खास है।

Advertisement

मैं प्रवासी माता-पिता का बेटा हूं, मैं अदालत में गया और अमेरिका के छोटे व्यवसायों की ओर से यह दलील दी, ''देखिए, राष्ट्रपति अवैध तरीके से काम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि मैं अपना पक्ष रखने में सक्षम था, उन्होंने मुझसे बेहद कठिन सवाल पूछे। यह बहुत ही तीखी और गहन मौखिक बहस थी, और अंत में उन्होंने मतदान किया- और हम जीत गए। उन्होंने आगे कहा कि इस देश की यही बात असाधारण है।

Advertisement

हमारे पास एक ऐसी व्यवस्था है जो स्वयं को सुधारती है, जो हमें यह कहने की अनुमति देती है-'आप दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हो सकते हैं, लेकिन फिर भी आप संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकते।' मेरे लिए आज का दिन इसी बात का प्रतीक है। कात्याल का जन्म शिकागो में चिकित्सक मां और अभियंता पिता के घर 1970 में हुआ था। उनके माता पिता भारत से यहां आए थे।

कात्याल वॉशिंगटन डीसी स्थित मिलबैंक एलएलपी के कार्यालय में साझेदार हैं और कंपनी के कानूनी एवं मध्यस्थता समूह के सदस्य हैं। फैसले के बाद जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिकी शीर्ष अदालत ने कानून के शासन और पूरे अमेरिका के नागरिकों के पक्ष में मजबूती से खड़े होकर अपना कर्तव्य निभाया।

Advertisement
×