Trade Agreement: भारत व US के बीच ऊर्जा, परमाणु, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा
Trade Agreement: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का “स्वागत” किया। दोनों नेताओं ने वॉशिंगटन डीसी में मंगलवार को हुई बैठक के...
Trade Agreement: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का “स्वागत” किया। दोनों नेताओं ने वॉशिंगटन डीसी में मंगलवार को हुई बैठक के दौरान महत्वपूर्ण खनिजों की खोज और खनन में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर भी चर्चा की।
मार्को रुबियो ने स्टेट डिपार्टमेंट में जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक अमेरिका द्वारा बुधवार को आयोजित किए जाने वाले पहले क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल सम्मेलन से पहले हुई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, “आज दोपहर अमेरिका के विदेश मंत्री @SecRubio से मिलकर खुशी हुई। द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।”
उन्होंने कहा, “भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार, ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर बातचीत हुई। साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न तंत्रों की शीघ्र बैठकें करने पर सहमति बनी।”
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट द्वारा जारी बयान में कहा गया कि रुबियो और जयशंकर ने “राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतांत्रिक देशों के रूप में भारत और अमेरिका को मिलकर नए आर्थिक अवसर खोलने और साझा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।”
पिगॉट ने बताया कि दोनों नेताओं ने “महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने” पर भी चर्चा की। बयान में आगे कहा गया कि रुबियो और जयशंकर ने बैठक का समापन “क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के विस्तार की प्रतिबद्धता” के साथ किया। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि “एक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।” क्वाड में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं।
एक्स पर एक पोस्ट में रुबियो ने कहा कि उन्होंने जयशंकर से “महत्वपूर्ण खनिजों की खोज में द्विपक्षीय सहयोग और दोनों देशों के बीच नए आर्थिक अवसरों को खोलने पर चर्चा की। साथ ही अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते की सराहना की।” एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर हैं और इस दौरान वे मार्को रुबियो द्वारा आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में भाग लेंगे।
इस यात्रा के दौरान जयशंकर अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे, यह जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी। जयशंकर और रुबियो की यह बैठक उस घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बताया कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका भारत पर लगाया गया पारस्परिक शुल्क (reciprocal tariff) 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
पहले क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में अमेरिका विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत करेगा, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत और विविध बनाने के सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सके। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “यह ऐतिहासिक सम्मेलन तकनीकी नवाचार, आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक इन महत्वपूर्ण घटकों को सुरक्षित करने के लिए सहयोग को नई गति देगा।”
इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, राष्ट्रपति के विशेष सहायक एवं वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला मामलों के वरिष्ठ निदेशक डेविड कोप्ली, और आर्थिक मामलों के लिए अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग अपने विचार रखेंगे।

