TMC Rebellion : टीएमसी के 20 लोकसभा सांसद छोड़ेंगे पार्टी, एनडीए में शामिल होने के लिए स्पीकर को लिखेंगे पत्र : काकोली घोष
ट्रिब्यून एक्सक्लूसिव : सांसदों ने जनता का जनादेश स्वीकारा, उनका मानना है कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ है
TMC Rebellion : ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। लोकसभा में पार्टी के 20 सांसदों ने टीएमसी छोड़ने का मन बना लिया है और वे औपचारिक रूप से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन संसदीय दल में शामिल होने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के समक्ष दावा पेश करेंगे।
सोमवार को 'द ट्रिब्यून' से विशेष बातचीत में लोकसभा में टीएमसी की चीफ व्हिप काकोली घोष ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की। काकोली ने कहा कि मेरे साथ टीएमसी के करीब 20 सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखने और औपचारिक रूप से एनडीए का हिस्सा बनने की अपनी इच्छा से अवगत कराने का फैसला किया है। यह निर्णय साथी सांसदों के बीच व्यापक चर्चा के बाद लिया गया है। फिलहाल, मैं लोकसभा में टीएमसी की चीफ व्हिप हूं और इसी हैसियत से मैंने इस फैसले पर पहुंचने से पहले सहयोगियों से सलाह-मशविरा किया है।
हटाए जाने की कार्रवाई एकतरफा
टीएमसी महिला विंग की प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के बाद चीफ व्हिप के पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए काकोली ने कहा कि उन्हें हटाना मनमाना और एकतरफा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी चेयरपर्सन ने भले ही मेरे स्थान पर किसी और की घोषणा कर दी हो, लेकिन इससे रातों-रात संवैधानिक और संसदीय स्थिति नहीं बदल जाती।
काकोली ने बताया कि सांसदों ने जनता का जनादेश स्वीकार कर लिया है और उनका मानना है कि उनका भावी राजनीतिक सफर एनडीए के साथ जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी के अनुसार हम अपने फैसले की जानकारी स्पीकर को देंगे। हम एनडीए का हिस्सा बनना चाहते हैं और स्पीकर को जल्द ही पत्र भेजा जाएगा।
दलबदल कानून और राज्यसभा के समीकरण
अगर ऐसा होता है, तो लोकसभा में टीएमसी विधायक दल विभाजित होकर एनडीए में उसी तरह विलय कर जाएगा, जैसे हाल ही में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी ने किया था। दलबदल विरोधी कानून के तहत टीएमसी को विभाजन के लिए दो-तिहाई यानी 19 सांसदों की जरूरत है। वर्तमान में लोकसभा में पार्टी के 28 सांसद हैं।
ठीक इसी तरह की स्थिति राज्यसभा में भी बन रही है, जहां 13 सांसदों में से विभाजन के लिए टीएमसी को नौ सांसदों की आवश्यकता है। गौरतलब है कि सुखेन्दु शेखर रॉय सोमवार को ही इस्तीफा दे चुके हैं और माना जा रहा है कि आगे और भी इस्तीफे होंगे।
