टिफिन बॉक्स ने खोली फर्जी ASI की पोल, दो महीने तक पंजाब पुलिस की अफसर बनकर घूमती रही कोमलप्रीत कौर
मोगा पुलिस ने फिरोजपुर की कोमलप्रीत कौर को किया गिरफ्तार; वर्दी, दो वॉकी-टॉकी और फर्जी विभागीय पहचान पत्र बरामद
पंजाब के मोगा में फिल्मी कहानी जैसे एक मामले में एक महिला के करीब दो महीने तक फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमने का खुलासा हुआ है। मोगा पुलिस ने फिरोजपुर की रहने वाली कोमलप्रीत कौर को कथित तौर पर पंजाब पुलिस की सहायक उप निरीक्षक (ASI) बनकर रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला फिरोजपुर जिले के चांदेवाला के पास मल्लेवाला गांव की रहने वाली है। आरोप है कि उसने सामाजिक प्रभाव बढ़ाने और एक संपन्न परिवार में शादी का रिश्ता पक्का करने के लिए खुद को पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया।
टिफिन लेकर रोज पहुंचती थी सांझ केंद्र
पुलिस के मुताबिक कोमलप्रीत कौर मोगा सिटी-1 थाने के पास स्थित सांझ केंद्र में नियमित रूप से आती थी और अपना टिफिन पुलिस कर्मचारियों के पास छोड़ जाती थी।
बताया जाता है कि वह पुलिसकर्मियों से कहती थी कि उसकी मेन चौक पर ट्रैफिक ड्यूटी लगी हुई है। करीब एक घंटे बाद वह वापस आती, अपना टिफिन लेती और चली जाती।
हालांकि, पुलिस कर्मचारियों को जल्द ही उसके दावे पर संदेह होने लगा। जब उसकी ड्यूटी के बारे में जानकारी जुटाई गई तो उसका नाम आधिकारिक ड्यूटी रोस्टर में नहीं मिला।
🚨 ਮੋਗਾ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਵੱਡੀ ਕਾਰਵਾਈ
ਮੋਗਾ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਦੱਸ ਕੇ ਫਰਜ਼ੀ ਪਛਾਣ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਇੱਕ ਮਹਿਲਾ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
ਤਲਾਸ਼ੀ ਦੌਰਾਨ ਉਸ ਦੇ ਕਬਜ਼ੇ ਵਿਚੋਂ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਵਰਦੀ, ਫਰਜ਼ੀ ਆਈ-ਕਾਰਡ, ਵਾਕੀ-ਟਾਕੀ ਸੈੱਟ ਅਤੇ ਹੋਰ ਸਾਜ਼ੋ-ਸਮਾਨ ਬਰਾਮਦ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ… pic.twitter.com/tlpQv17IFN
— MOGA Police (@MogaPolice) August 7, 2026
बैच और पोस्टिंग पर सवालों के जवाब नहीं दे पाई
संदेह होने पर पुलिस कर्मचारियों ने उससे उसके बैच, पोस्टिंग और वरिष्ठ अधिकारियों के बारे में पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, वह इन सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद मामले की गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर उसके पास से पंजाब पुलिस की वर्दी, दो वॉकी-टॉकी सेट और फर्जी विभागीय पहचान पत्र बरामद किया।
शादी में भी पुलिस अफसर होने की पहचान का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोमलप्रीत ने कथित तौर पर दो महीने से अधिक समय तक अपनी फर्जी पहचान बनाए रखी। जांच में यह बात सामने आई है कि उसका उद्देश्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर सामाजिक प्रतिष्ठा हासिल करना और आर्थिक रूप से संपन्न परिवार में शादी का रिश्ता पक्का करना था। बताया जा रहा है कि उसने करीब एक महीने पहले ही एक संपन्न परिवार में शादी की थी और उस समय भी कथित तौर पर अपनी फर्जी पुलिस अधिकारी वाली पहचान कायम रखी।
जांच में जुटी पुलिस
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की फर्जी पहचान, जालसाजी और सरकारी प्रतीकों के दुरुपयोग से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने कथित फर्जी पुलिस पहचान का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति से आर्थिक या अन्य लाभ हासिल किया था।

