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Thug Sukesh Case : मकोका लगाने का कोई आधार नहीं... पिंकी ईरानी की याचिका पर दिल्ली HC सख्त, पुलिस को भेजा नोटिस

सुकेश की सहयोगी की आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ याचिका पर अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा

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दिल्ली हाई कोर्ट ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की करीबी सहयोगी पिंकी ईरानी की उस याचिका पर बुधवार को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा जिसमें उसने 200 करोड़ रुपये के कथित जबरन वसूली मामले में अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने को चुनौती दी है। निचली अदालत ने तीन जून को चंद्रशेखर, पिंकी ईरानी और 19 अन्य आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के कड़े प्रावधानों सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। न्यायमूर्ति मधु जैन ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली ईरानी की पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जांच एजेंसी को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

पीठ ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने के अनुरोध वाली ईरानी की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर के लिए निर्धारित की। ईरानी के वकील ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल के खिलाफ गलत तरीके से आरोप तय किए गए हैं और उसके विरुद्ध मकोका की धाराएं लागू करने का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि मकोका तभी लागू किया जा सकता है, जब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत किसी अपराध में संलिप्तता हो, जबकि इस मामले में ऐसा नहीं है। महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), 1999 संगठित अपराध गिरोहों और आतंकवाद से निपटने के लिए बनाया गया कानून है।

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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इससे पहले अधीनस्थ अदालत ने चंद्रशेखर के खिलाफ फर्जी तरीके से लोक सेवक का रूप रखने, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश जैसे अपराधों के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं तथा संगठित अपराध करने और संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों की ओर से बेहिसाब संपत्ति रखने से संबंधित मकोका की धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। अदालत ने अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विभिन्न दंडनीय अपराधों के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और मकोका की धाराओं के तहत आरोप तय करने का निर्देश दिया था। पुलिस के आरोपपत्र के अनुसार, ईरानी चंद्रशेखर को एक बड़े कारोबारी के रूप में पेश करती थी और उसने उसकी कुछ बॉलीवुड हस्तियों से मुलाकात कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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आरोपपत्र में कहा गया है कि पुलिस ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज और नोरा फतेही भी शामिल हैं। फिलहाल जेल में बंद चंद्रशेखर पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह सहित कई लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस का आरोप है कि चंद्रशेखर और उसके सहयोगियों ने सरकारी अधिकारी बनकर अदिति सिंह से उनके पति को धनशोधन मामले में जेल से जमानत दिलाने का झांसा देकर धन ऐंठा। पुलिस के अनुसार, रोहिणी जेल में बंद रहने के दौरान चंद्रशेखर ने एक फर्जी फोन कॉल के जरिए खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर अदिति सिंह को पैसे स्थानांतरित करने के लिए राजी किया और उनके पति की जमानत कराने का आश्वासन दिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 अक्टूबर, 2023 को इस मामले में ईरानी को जमानत दे दी थी।

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