कोरियन ऑनलाइन गेम की लत में तीन बहनें नौवीं मंजिल से कूदीं, मौत
गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से कूदने के बाद तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई। बताया जाता है कि उन्हें कोरियन गेम की लत थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती...
गाजियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से कूदने के बाद तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई। बताया जाता है कि उन्हें कोरियन गेम की लत थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बहनें एक ऑनलाइन कोरियन ‘लव गेम’ की आदी थीं जो ‘टास्क बेस्ड’ है और बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज़्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे। कोरियन ‘टास्क-बेस्ड’ गेम वह होती है जिसमें खिलाड़ी को लक्ष्य दिए जाते हैं। जांच में पता चला कि लड़कियां मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं। परिवारवालों ने पिछले कुछ दिनों से उनके मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिससे वे परेशान थीं। पुलिस को मंगलवार देर रात दो बजकर 15 मिनट पर सूचना मिली कि साहिबाबाद इलाके में टीला मोड़ थना क्षेत्र में ‘भारत सिटी’ के एक टावर में नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन लड़कियों ने छलांग लगा दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि स्थानीय निवासी चेतन कुमार की तीनों बेटियां निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12), भूतल पर गिरी थीं और बुरी तरह से घायल थीं। उन्हें एम्बुलेंस से लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं। सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि तीनों सब कुछ एक साथ करती थीं- नहाने से लेकर खाने तक और सोने से लेकर स्कूल जाने तक। लड़कियां पिछले दो वर्ष से स्कूल नहीं जा रही थीं। पुलिस ने बताया कि परिवार में पांच भाई-बहन थे- चार बहनें और एक भाई और पिता ने दो शादियां की थीं। पुलिस को लड़कियों की एक डायरी मिली है। अंदर एक नोट में लिखा है, ‘इस डायरी में लिखी हर बात पढ़ लेना, सब यहीं है।’ इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी बनी था और लिखा था, ‘माफ करना पापा, मुझे सच में बहुत अफसोस है।’
कोरिया जाने की बात करती थीं बेटियां : पिता
लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने कहा कि उनकी बेटियां बार-बार कोरिया जाने की बात कहती थीं। कुमार ने कहा कि उन्हें बिल्कुल भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि उस गेम में इस तरह के लक्ष्य दिए जाते हैं। वे ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं। इन सब बातों की जानकारी मुझे तब हुई, जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने उनके मोबाइल फोन की जांच की। पिता ने कहा कि उस समय पूरा परिवार सो रहा था। लड़कियां पानी पीने के बहाने उठीं, अंदर से दरवाजा बंद किया और बालकनी से कूद गईं।

