सुरक्षा बलों को बुधवार को जम्मू संभाग के उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों के दौरान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकवादी मार गिराया। सुरक्षाबलों को विदेशी हथियार मिले हैं। साथ ही सर्च ऑपरेशन जारी है।
उधमपुर जिले में लगभग 20 घंटे तक चले एक अभियान के बाद, सुरक्षा बलों ने जैश के एक स्वयंभू शीर्ष कमांडर सहित दो कट्टर आतंकवादियों को मार गिराया। उधमपुर में ‘ऑपरेशन किया’ मुठभेड़ बसंतगढ़ क्षेत्र के जोफर जंगल के कठिन इलाके में शुरू हुई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस को वहां दो आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी। सेना ने ‘किया’ कोडनेम से अभियान शुरू किया।
पुलिस के विशेष अभियान समूह, सेना की काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स डेल्टा और सीआरपीएफ सहित सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया। इस संबंध में सेना की व्हाइट नाइट कोर ने कहा, ‘जोफर जंगल में एक केंद्रित संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।’ खबरों के मुताबिक, आतंकवादी एक प्राकृतिक गुफा के अंदर छिपे थे और उन्होंने ऑपरेशन के दौरान कई बार भागने की कोशिश की। बताया गया कि मारे गए दो आतंकवादी जैश कमांडर माविया और जुबैर थे।
आतंकवादियों के पास से अमेरिका निर्मित एम 4 कार्बाइन, एके-47 राइफलें, भारी मात्रा में गोला-बारूद और ग्रेनेड बरामद हुए हैं। उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए व्हाइट नाइट कोर की सराहना की है।
इस बीच, बुधवार शाम को पहाड़ी जिले किश्तवाड़ में एक और मुठभेड़ में एक तीसरा आतंकवादी मारा गया। 18 जनवरी को आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने किश्तवाड़ के छत्रू वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था। उस दौरान आतंकवादियों के एक समूह ने ग्रेनेड फेंके थे, जिसमें एक सैनिक शहीद हो गया था और सात अन्य घायल हुए थे।

