सवाल भी करते हैं, जवाब भी नहीं सुनना चाहते; संसद में छात्र प्रदर्शन पर सियासी संग्राम, कंगना ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
संसद में छात्र प्रदर्शन पर घमासान, कंगना ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
Parliament Monsoon Session : संसद के मानसून सत्र में छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव अब और तेज हो गया है। भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को विपक्ष और खासतौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष एक तरफ सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं दूसरी ओर चर्चा के लिए तैयार नहीं दिख रहा।
‘जवाब भी चाहिए और चर्चा भी नहीं’
कंगना रनौत ने विपक्ष के रवैये को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से संसद का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी गृह मंत्रालय से सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन जब गृह मंत्री अमित शाह चर्चा के लिए तैयार हैं तो विपक्ष उनकी बात सुनना नहीं चाहता। विपक्ष को संसद में बहस का मौका मिलने पर सरकार का पक्ष भी सुनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में अब शर्म या मर्यादा नाम की कोई चीज नहीं बची है। पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि आखिर यह किस तरह का व्यक्ति है, जिस तरह से वह अपनी हताशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, वह दरअसल पूरे देश और उसके नागरिकों का अपमान है। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनकी भूमिका को देखते हुए मुझे लगता है कि यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा।
छात्र प्रदर्शन बना सियासी मुद्दा
संसद में यह गतिरोध दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बना हुआ है। विपक्ष सरकार से यह जानना चाहता है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब दें। वहीं, सरकार का कहना है कि इस विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा हो सकती है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा था कि अमित शाह चर्चा में हिस्सा लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
कंगना का विपक्ष पर तीखा हमला
कंगना ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास विकास, अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय प्रगति और रक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ठोस विषय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से संसद में विरोध और व्यवधान को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से संसद को सुचारु रूप से चलने देने और बहस में हिस्सा लेने की अपील की। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि वह चर्चा से नहीं भाग रहा, बल्कि सरकार से छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर सीधे जवाब चाहता है।

