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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में SIT की रिपोर्ट ट्रस्ट को मिली, पूर्व पदाधिकारी चंपत राय-अनिल मिश्रा की संतों से बढ़ी मुलाकातें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआइटी रिपोर्ट की चर्चा के बीच अयोध्या के संतों से मिले चंपत राय

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चंपत राय
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Ram Mandir Donation Case : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने और उसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ साझा किए जाने की पुष्टि के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा साधु-संतों के साथ लगातार मुलाकात कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट ट्रस्ट के साथ साझा की गई है लेकिन उसमें क्या लिखा है, इसकी जानकारी नहीं है।

सरकार द्वारा गठित एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में राय और मिश्रा के नाम शामिल नहीं थे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी मामले की अलग से जांच कर रही है और उसे अपनी रिपोर्ट 'सीलबंद लिफाफे' में दाखिल करनी है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बीच संतों के एक समूह ने खुले तौर पर चंपत राय का समर्थन करना शुरू कर दिया है। वहीं, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा अयोध्या में अलग-अलग स्थानों पर छोटी-छोटी बैठकें कर अपने और राय पर लगे सभी आरोपों को ''साजिश'' बताकर खारिज कर रहे हैं।

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मिश्रा ने हाल में सामने आए एक वीडियो में आरोप लगाया कि चंदे का विवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एक साजिश थी तथा उन्हें पद से हटाने की कोशिश थी। स्थानीय संत रामेश्वर दास ने कहा, ''चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा देने के बाद ही संतों से मुलाकात करना शुरू किया था। मंदिर बनने के पांच साल के दौरान राय अयोध्या के साधुओं और महंतों से इस तरह नहीं मिले थे।'' हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य राजकुमार दास ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक एसआईटी जांच के निष्कर्षों पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

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दास ने कहा, ''अभी तक मुझे जांच रिपोर्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत हो रही है, इसलिए जब तक जांच के बाद सही रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। चंपत राय बेगुनाह हैं। संत समुदाय ने 23 जुलाई को एक बैठक में घोषणा की थी कि कथित गड़बड़ियों में राय की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि गिनती की प्रक्रिया में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।''

अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र तक पहुंच गई है और ट्रस्ट की आगे की कार्रवाई के बाद सच्चाई सामने आएगी। त्रिपाठी ने बताया, ''ट्रस्ट ने एसआईटी गठित करने की संस्तुति की थी और अब जब रिपोर्ट आ गई है, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला इस साल जून के पहले सप्ताह में सामने आया था, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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