सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच गतिरोध बरकरार, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित

सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच गतिरोध बरकरार, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिये स्थगित

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (एजेंसी)

पेगासस जासूसी मामले एवं तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दों पर मॉनसून सत्र में लोकसभा में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच नौंवे दिन भी गतिरोध बना रहा और विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के कारण शुक्रवार को सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद करीब 12:15 बजे दिनभर के लिये स्थगित कर दी गई। कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी मामले पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की जबकि सरकार ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है। शोर-शराबे के बीच ही सदन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021' पेश किया। वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं संलग्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिये आयोग विधेयक, 2021' पेश किया। आज सुबह कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोर-शराबे के बीच ही आधे घंटे तक प्रश्नकाल की कार्यवाही को चलाया। विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने पर बिरला ने सदन की कार्यवाही को 11 बजकर करीब 30 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान शोर-शराबे के बीच ही महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिये।

कार्यवाही शुरू होने पर सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम पहले दिन से ही पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही किसानों से जुड़ा विषय और कोविड संबंधी मुद्दा भी है। चौधरी ने कहा कि लेकिन सरकार इस पर चर्चा नहीं करा रही है। पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘यह कोई मुद्दा नहीं है।’

जोशी ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तृत बयान दिया है। लेकिन ये (विपक्ष) बहाना बनाकर पिछले 8 दिनों से सदन चलने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति में जनता से जुड़े जो मुद्दे तय हुए हैं, उन पर हम काम करना चाहते हैं। सरकार नहीं चाहती कि कोई विधेयक बिना चर्चा के पारित हो। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों का अधिकार होता है, इसमें बाधा नहीं आनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि आप (लोकसभा अध्यक्ष) जिस तरह से काम करने को कहेंगे, हम इसके लिये तैयार हैं।

इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच करीब आधे घंटे तक प्रश्नकाल चलाया। विपक्षी सदस्यों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर तीन कृषि कानूनों को समाप्त करने एवं पेगासस मुद्दे की जांच कराने संबंधी मांगें लिखी हुई थीं। 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल ने शोर-शराबे के बीच ही आवश्यक कागजात सभापटल पर रखवाये। इस दौरान ‘साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021' और ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं संलग्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिये आयोग विधेयक, 2021' पेश किया गया। इसके बाद अग्रवाल ने विपक्षी सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ महत्वपूर्ण विधेयक पेश किये गए हैं और कोविड मुद्दे पर भी चर्चा होनी है। कृपया चर्चा में हिस्सा लें। हालांकि, विपक्षी सदस्यों का शोर-शराबा जारी रहा। व्यवस्था बनते नहीं देख पीठासीन सभापति ने कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद करीब सवा 12 बजे दिनभर के लिये स्थगित कर दी। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण अब सदन की अगली बैठक सोमवार को होगी। गौरतलब है कि विपक्षी दलों के सदस्य पेगासस जासूसी मामले और केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर मौजूदा सत्र के पहले दिन से सदन में नारेबाजी कर रहे हैं। इस कारण से सदन में अब तक कामकाज बाधित रहा है और कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। सरकार ने शोर-शराबे के बीच ही कुछ विधेयक पारित कराये हैं।

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