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सिरमौर में मारकंडा नदी में समा रही नागल-सुकैती सड़क, चार साल से कटाव; हादसे के बाद भी अनदेखी

नागल गांव के पास सड़क का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समाया; कुछ दिन पहले कार 200 फीट नीचे गिरी, छह लोग बाल-बाल बचे

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सिरमौर के नागल गांव के पास मारकंडा नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त नागल-सुकैती सड़क। सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। -निस
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Nagal-SuketI Road : सिरमौर जिले की नागल-सुकैती सड़क पर मारकंडा नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है। नागल गांव के समीप सड़क का आधे से अधिक हिस्सा नदी में समा चुका है, जबकि बची हुई सड़क भी खतरे की जद में है। स्थानीय लोगों के अनुसार करीब चार साल से सड़क इसी तरह कट रही है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सड़क की बदहाली के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

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हादसे के बाद भी नहीं हुए सुरक्षा इंतजाम

कुछ दिन पहले इसी मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट नीचे मारकंडा नदी में जा गिरी थी। कार में सवार छह लोग बाल-बाल बच गए। इस हादसे ने सड़क की खतरनाक स्थिति को सामने ला दिया, लेकिन इसके बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाने पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं।

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सड़क के एक ओर गहरी खाई और दूसरी ओर मारकंडा नदी होने के कारण यह मार्ग बेहद संवेदनशील बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क को सुरक्षित नहीं किया गया तो अगला हादसा जानलेवा हो सकता है।

उद्योगों और दूसरे राज्यों के वाहनों की आवाजाही

नागल-सुकैती सड़क से कई उद्योग जुड़े हैं और इस पर छोटी-बड़ी गाड़ियों की लगातार आवाजाही रहती है। यह मार्ग कालाअंब से विक्रमबाग होते हुए पांवटा साहिब जाने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड की ओर आने-जाने वाले वाहन भी इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के साथ स्थित एक उद्योग की जमीन भी मारकंडा नदी के कटाव की चपेट में आ रही है। उनका कहना है कि नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा कार्य नहीं किए जा रहे।

बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब विभाग को सड़क के क्षतिग्रस्त होने और नदी के लगातार कटाव की जानकारी थी तो संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए। उनका कहना है कि खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं।

लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से नागल-सुकैती सड़क का तत्काल निरीक्षण करवाने तथा मारकंडा नदी के कटाव को रोकने के लिए मजबूत डंगे और रिटेनिंग वॉल बनाने की मांग की है। साथ ही खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है, ऐसे में किसी बड़े हादसे से पहले ठोस कदम उठाना जरूरी है।

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