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गांव की बहनों की बढ़ेगी कमाई... लाल किले से महिलाओं के नाम बड़ा ऐलान, अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य

पीएम मोदी ने छह करोड़ 'लखपति दीदी' का लक्ष्य रखा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव के लिए महिलाओं को सराहा

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Lakhpati Didi : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को छह करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य तय करते हुए कहा कि इससे महिलाओं की मजबूती के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार तीन करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के अपने लक्ष्य को पहले ही पार कर चुकी है। लखपति दीदी पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।

इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं को एक लाख रुपये या उससे अधिक की स्थायी वार्षिक घरेलू आय प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना है। मोदी ने कहा, ''हमने तीन करोड़ बहनों को 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य को पार कर लिया है। अब हम छह करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।'' मोदी ने कहा कि तीन करोड़ नई 'लखपति दीदियों' के जरिए महिला सशक्तीकरण को मजबूती देते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

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उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के बढ़ते योगदान पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि वे लड़ाकू विमानों और नागरिक उड्डयन से लेकर खेल तक के क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मोदी ने कहा, ''चाहे लड़ाकू विमान हों या नागरिक उड्डयन, हमारी बेटियां सबसे आगे नजर आती हैं।'' उन्होंने कहा कि महिलाएं खेल तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के माध्यम से सशस्त्र बलों में शामिल की गई महिलाएं देश के सशस्त्र बलों का नेतृत्व करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।

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गुजरात के साणंद में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र के अपने दौरे को याद करते हुए मोदी ने कहा कि वह वहां काम करने वाली आदिवासी महिलाओं के आत्मविश्वास से बेहद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ महिलाएं गांवों से आई थीं, जहां उन्हें यह भी नहीं पता था कि पासपोर्ट क्या होता है, लेकिन बाद में प्रशिक्षण के लिए विदेश गईं और चिप निर्माण में काम करने के लिए लौट आईं। मोदी ने कहा, ''जब मैंने उनका आत्मविश्वास देखा तो मैं वास्तव में बहुत प्रभावित हुआ।''

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