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हैलीकॉप्टर भी लौट आया, पर्वतारोही ने भी किया इनकार; आखिर क्यों आज तक कोई फतह नहीं कर सका कैलाश पर्वत

कैलाश पर्वत एक रहस्यमयी चोटी... चीन सरकार ने दो बार प्रयास करने के बाद लगाया प्रतिबंध

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फ़ाइल फ़ोटो
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Mount Kailash Secret : विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट, 8849 मीटर पर अब तक 7,000 से अधिक लोग सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुके हैं, लेकिन 6638 मीटर ऊंचा कैलाश पर्वत आज भी अजेय है। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव माता पार्वती के साथ निवास करते हैं, जिस कारण इसे आस्था का सर्वोच्च केंद्र माना जाता है। यह पर्वत केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक कारणों से भी पूरी दुनिया में रहस्य बना हुआ है। शौद्यार्थी रजत रमन दीक्षित ने बताया कि यह आश्चर्य की बात यह है कि दुनिया भर में कैलाश पर्वत से ऊंचे 100 से अधिक पर्वतों को फतह किया जा चुका है, लेकिन इस पवित्र चोटी पर आज तक कोई इंसान कदम नहीं रख पाया है।

रजन रमन ने बताया कि 1985 की एक घटना के मुताबिक चीनी सरकार ने मशहूर पर्वतारोही रेनॉल्ड मेसनर, जिन्होंने बिना ऑक्सीजन के एवरेस्ट फतह किया था से इस पर चढ़ने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने इसे पवित्र मानकर साफ इनकार कर दिया। वर्ष 2001 में चीन सरकार ने साफ मौसम देखकर एक हेलीकॉप्टर को कैलाश पर्वत की ओर भेजा, लेकिन वहां पहुंचते ही अचानक घने काले बादल छा गए और पायलट को मजबूरन हेलीकॉप्टर नीचे उतारना पड़ा। इन घटनाओं के बाद 2001 में ही चीन सरकार ने कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया।

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रहस्यमयी झीलें और भौगोलिक आंकड़े

कैलाश पर्वत के निकट विपरीत प्रकृतियों वाली दो प्रमुख झीलें स्थित हैं। पहली पवित्र मानसरोवर झील है, जिसका जल मीठा और पीने योग्य है। वहीं, दूसरी राक्षसताल है, जिसका पानी अत्यधिक खारा होने के कारण पीने लायक बिल्कुल नहीं है। कैलाश पर्वत को ‘एक्सिस मुंडी’ ब्रह्मांड का केंद्र भी कहा जाता है। इसके भौगोलिक आंकड़े बेहद चैंकाने वाले हैं।

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उतरी ध्रुव से दोगुनी दूरी पर है दक्षिण ध्रुव

यहां से स्टोनहेंज और उत्तरी ध्रुव दोनों की दूरी ठीक 6666 किलोमीटर है। दक्षिणी ध्रुव से इसकी दूरी ठीक दोगुनी, यानी 13332 किलोमीटर है। साल 1999 में रूसी वैज्ञानिक एर्न्स्ट ने अपनी टीम के साथ इस पर्वत के रहस्यों का विस्तार से अध्ययन किया था, लेकिन आज भी यह अजेय चोटी विज्ञान और अध्यात्म का एक अनसुलझा रहस्य बनी हुई है।

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