Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

बंद कमरे में हुई सुनवाई... स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर कल होगा फैसला, पटियाला हाउस कोर्ट ने आदेश रखा सुरक्षित

जमानत मिलेगी या जेल में रहेंगे भारद्वाज? पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला मंगलवार को

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
स्वतंत्र भारद्वाज। वीडियो ग्रैब
Advertisement

CJP Protest Row : दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) एसपीएस ललर ने कहा कि जमानत पर फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा। सुनवाई बंद कमरे में हुई और मीडिया को अदालत कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। भारद्वाज को संजय आजाद पर कथित हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया है। संजय आजाद अनुसूचित जाति (SC/ST) समुदाय से आते हैं। मामले में पुलिस के साथ शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने भी अपनी दलीलें रखीं।

बचाव पक्ष ने कहा- कानून का गलत इस्तेमाल

स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से अधिवक्ता उमेश चंद्र शर्मा ने अदालत में दलील दी कि यह मामला कानून और कानूनी प्रावधानों के कथित दुरुपयोग का उदाहरण है। बचाव पक्ष ने खास तौर पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़े जाने पर सवाल उठाया। वकील के मुताबिक, 23 जून 2026 को दर्ज मूल एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट का उल्लेख नहीं था। बाद में शिकायतकर्ता के पूरक बयान के आधार पर इन धाराओं को जोड़ा गया। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर भारद्वाज को नियमित जमानत देने की मांग की।

Advertisement

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल किया जवाब

दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जमानत याचिका पर अपना जवाब अदालत में दाखिल किया। शिकायतकर्ता संजय आजाद की ओर से अधिवक्ता स्वाति खन्ना पेश हुईं। वहीं, स्वतंत्र भारद्वाज की तरफ से उमेश चंद्र शर्मा ने पक्ष रखा। भारद्वाज फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी थी। अब मंगलवार को जमानत पर अदालत के फैसले पर सभी की नजरें रहेंगी।

Advertisement

Jantar Mantar के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह मामला 23 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान कथित हमले से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, संजय आजाद पर स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति सूरज ने कथित तौर पर हमला किया था। पुलिस का आरोप है कि भारद्वाज ने अपने हाथ में पहने कड़े (Kada) से संजय आजाद के सिर पर वार किया था। पुलिस के अनुसार, इस मामले की जानकारी एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के बाद सामने आई, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय आजाद के सिर पर कड़े से हमला करने की बात स्वीकार की थी।

Bulandshahr से हिरासत, फिर दिल्ली में गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 4 अगस्त को स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अलग-अलग चरणों में पुलिस और न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए एक सुनवाई के दौरान उन्हें संबंधित न्यायाधीश के आवास पर भी पेश किया गया था।

SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने को लेकर भी विवाद

शिकायतकर्ता की ओर से पहले यह दावा किया गया था कि वकीलों और प्रतिनिधियों के एक समूह ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की थी। बैठक में उचित SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने और भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने अदालत में दावा किया कि बाद की घटनाओं के आधार पर भारद्वाज को मामले में फंसाया गया। उनके वकील ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े कुछ अन्य एफआईआर पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए जा चुके हैं। अब मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश से यह साफ होगा कि स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में जमानत मिलती है या उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।

Advertisement
×