अंबाला कैंट हाईवे खाली करवाने वक्त हुआ हमला, करीब 6-7 पुलिसकर्मी घायल; DGP बोले- हरियाणा पुलिस जवानों के साथ खड़ी
अंबाला हाईवे जाम में घायल पुलिसकर्मियों से मिले DGP अजय सिंघल, बढ़ाया हौसला
Ambala Police News : अंबाला कैंट में हाईवे जाम खुलवाने के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों से मिलने के लिए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने आज मिलिट्री हॉस्पिटल और नागरिक अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लिया। डीजीपी ने चिकित्सकों से घायल पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य एवं उपचार की जानकारी ली तथा पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
डीजीपी अजय सिंघल ने घायल पुलिसकर्मियों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की।
हाईवे खुलवाने के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला
एसपी अंबाला ने बताया कि हाईवे पर जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन उपद्रवियों का इरादा मामला सुलझाने का नहीं था। हाईवे जाम खुलवाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें करीब 6-7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुविधा के लिए हाईवे को सुचारू रूप से खुलवाने के दौरान पुलिस ने संयम एवं जिम्मेदारी के साथ स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान डीएसपी वीरेंद्र शर्मा का अंगूठा भी कट गया। इसके अलावा सिपाही रक्षित, नवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतीश तथा एएसआई पंकज को भी चोटें आई है। कई अन्य पुलिस कर्मियों के घायल होने की भी सूचना है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें, कानून को अपने हाथ में न लें और सार्वजनिक मार्गों को बाधित करने से बचें। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन , उपायुक्त सचिन गुप्ता तथा एसडीएम कनिका गोयल भी उपस्थित रहे।
कैसे शुरु हुआ विवाद
अंबाला NH 44 पर गुरसिमरन सिंह मंड विवाद को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। मंड और उनके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद भी प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए तीन युवकों की रिहाई की मांग पर अड़े रहे। दोपहर करीब 2 बजे से रात 9 बजे तक NH-44 पर यातायात बाधित रहा। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद आखिरकार पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। प्रदर्शन के बीच पुलिस ने मंड और उनके बेटे के खिलाफ FIR दर्ज कर दी, लेकिन प्रदर्शनकारी तीनों गिरफ्तार युवकों की रिहाई पर अड़े रहे।
वहीं पुलिस की ओर से युवकों की जमानत करवाने की बात कही जाती रही, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। कई घंटे तक हाईवे बंद रहने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए फोर्स का इस्तेमाल किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को हाईवे से खदेड़ा और इसके बाद NH-44 पर यातायात सुचारू करवाया गया।

