मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा... 20वें दिन भी नहीं झुके छात्र, JPSC-JSSC परीक्षा रद्द कराने पर अड़े
झारखंड के छात्र सीबीआई जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग पर अड़े, आंदोलन खत्म करने से इनकार
Jharkhand Student Protest : भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों ने वीरवार को अपना प्रदर्शन खत्म करने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने मामलों की केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने तथा जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाएं रद्द करने की मांग दोहराई। आंदोलन के 20वें दिन सैकड़ों छात्र, नौकरी के अभ्यर्थी और युवा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए और कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बोकारो जिले के छात्र और जेपीएससी अभ्यर्थी विवेक पंडित ने कहा कि वह आंदोलन के पहले दिन से ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं और जब तक राज्य सरकार उनकी मांगें नहीं मानती वह वहीं रहेंगे।
पंडित ने कहा, '' आज मेरा यहां 20वां दिन है। 10 अगस्त को विधानसभा तक विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने जब हम पर लाठीचार्ज किया था तब मेरी मां रो रही थी और मुझे घर लौटने के लिए कह रही थी। वह मार्च के दौरान हमारे साथ हुई मारपीट से डर गई थी। लेकिन अब हमने अपनी मांगों से पीछे नहीं हटने का फैसला किया है।'' उन्होंने आरोप लगाया, ''दोनों एजेंसियों में पारदर्शिता का अभाव है और इन मुद्दों को लेकर सरकार का रवैया उचित नहीं है। समस्याओं का समाधान करने के बजाय वे अपनी ताकत का इस्तेमाल छात्रों को बांटने के लिए कर रहे हैं।''
पंडित ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात ज़िले के वरिष्ठ अधिकारी विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर आए थे और उन्होंने जेपीएससी से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग करने वालों से कहा कि सरकार ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया है, इसलिए वे घर लौट जाएं। इस तरह उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच फूट डालने की कोशिश की। एक अन्य प्रदर्शनकारी लोहदरगा जिले के रवि कुमार ने कहा कि वह 29 जुलाई से, यानी आंदोलन शुरू होने के समय से ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, '' मैंने दोनों एजेंसियों द्वारा आयोजित कई परीक्षाएं पास की हैं, लेकिन व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पक्षपात और अनियमितताओं के कारण हमें नुकसान उठाना पड़ा है। जब तक सरकार सुधार करने, सीबीआई जांच का आदेश देने और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी)-सीजीएम परीक्षा रद्द करने पर सहमत नहीं होती, हम आंदोलन नहीं समाप्त करेंगे।'' रांची की एक निजी कंपनी में काम करने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर वाणी कुमारी ने कहा कि वह एक सप्ताह से अधिक समय से आंदोलन में शामिल हैं। वह हर शाम प्रदर्शन स्थल पर आती हैं और रातभर वहीं रहती हैं।
उन्होंने कहा, '' मैं राज्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही हूं। मैंने 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं जेपीएससीपरीक्षा दी थी, उसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई। झारखंड में कई वर्षों से एक भी परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित नहीं हुई है।'' कुमारी ने कहा, ''यह आंदोलन कई वर्षों के गुस्से और निराशा का नतीजा है.. हमारी उम्मीदें और सपने टूटते जा रहे हैं।'' आंदोलन स्थल पर मौजूद अनेक युवाओं ने लगभग ऐसे ही विचार व्यक्त किए।

