फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले का आरोपी पहले ही ओमान में था प्रतिबंधित, फिर इस्राइल जा रही उड़ान में कैसे पहुंचा?
हमाम अल-हम्मामी पर कट्टरपंथी विचारों को लेकर जताई गई थीं चिंताएं; ओमान एयर में उड़ान से हटाए जाने के बाद फ्लाईदुबई ने दी थी नौकरी, जांच में उठे सुरक्षा और वेटिंग पर सवाल
इस्राइल जा रही उड़ान में कैप्टन पर कुल्हाड़ी (क्रैश एक्स) से हमला कर विमान का नियंत्रण हथियाने की कोशिश करने का आरोपी सह-पायलट ओमान का नागरिक था और उसे कट्टरपंथी विचारों को लेकर जताई गई चिंताओं के कारण उसके ही देश की विमानन कंपनी ने विमान का परिचालन करने से रोक दिया गया था।
अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने सह-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में की। यह जानकारी देने वाले लोगों में खाड़ी क्षेत्र और पश्चिमी देश के राजनयिक भी शामिल हैं।
मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि सह-पायलट ने बुधवार को कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हमला किया और तेजी से नीचे जा रहे विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। यूएई ने इसे "आतंकी हमला" बताया। विमान में 182 यात्री सवार थे।
इस नयी जानकारी के सामने आने से यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि सह-पायलट उड़ान में कैसे शामिल हुआ। इस्राइल की सरकार ने कहा कि विदेशी विमानन कंपनियों के साथ उसके समझौते हैं, ताकि ऐसे देशों के पायलटों को इस्राइल जाने वाले विमानों में उड़ान भरने से रोका जा सके, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध नहीं हैं।
इस्राइल और ओमान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। एक अधिकारी ने बताया कि हम्मामी को ओमान एयर में प्रशासनिक काम पर भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि बाद में सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात स्थित विमानन कंपनी फ्लाईदुबई ने नौकरी पर रख लिया। हालांकि यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि सह-पायलट की किस स्तर तक जांच-पड़ताल की गई थी।

