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TCS Harassment Case : महिला इंजीनियर ने सुनाई आपबीती, ट्रेनिंग के दौरान गलत तरीके से छूने का लगाया आरोप

TCS उत्पीड़न मामला: महिला इंजीनियर का दावा- आरोपी ने बुर्का न पहनने को हिंसा से जोड़ा

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TCS Harassment Case : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में काम करने वाली एक महिला इंजीनियर ने IT कंपनी के ऑफिस में अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न और धार्मिक दबाव की भयानक सच्चाई बताई। महिला ने बताया कि किस तरह काम के दौरान उसे धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां सुननी पड़ी। यही नहीं, ट्रेनिंग सेशन के दौरान टीम लीडर ने उसे गलत तरीके से छूआ।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे परेशान करने वालों ने महिलाओं के बुर्का न पहनने को हिंसा का कारण बताया और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं। नासिक पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने TCS यूनिट में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद 9 FIR दर्ज करके आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल है।

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नासिक पुलिस ने एक और आरोपी, निदा खान का पता लगाने के लिए 3 टीमें बनाई हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन टीमों को अलग-अलग जगहों पर भेजा गया है, और उनमें से एक टीम ठाणे के पास मुंब्रा पहुंची है। इस बीच, खान ने नासिक सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है, जिस पर कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।

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पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि जून 2025 से मार्च 2026 के बीच पांच आरोपियों ने उसके साथ लगातार यौन उत्पीड़न किया, उसका पीछा किया और जानबूझकर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं और यहां तक ​​कहा कि बलात्कार इसलिए होते हैं क्योंकि महिलाएं बुर्का नहीं पहनतीं।

महिला कर्मचारी ने कहा कि उसके टीम लीडर ने औपचारिक ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छुआ और गुड़ी पड़वा के जश्न के दौरान ऑफिस की पैंट्री में एक अन्य आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उन्होंने उसकी शादीशुदा जिंदगी के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। पीड़िता के मुताबिक, उत्पीड़न सिर्फ काम की जगह तक ही सीमित नहीं था। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी उसका पीछा किया और उसे परेशान किया। इसकी वजह से आखिरकार उसे कानूनी की मदद लेनी पड़ी।

इसी बीच, कंपनी ने कहा कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। टीसीएस कंपनी ने साफ किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' (बिल्कुल बर्दाश्त न करने की) नीति अपना रखी है और नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न में कथित तौर पर शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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