Tanda Medical College : टांडा में दिल के मरीजों पर 'तालाबंदी' की मार, एचओडी को थमाई ओएसडी की कुर्सी; विपक्ष ने पूछा- क्या अब राम भरोसे धड़केंगे 6 जिलों के दिल?
शिमला में ओएसडी बनाए गए डॉ. मुकुल कुमार, टांडा में हृदय रोगियों के इलाज पर गहराया संकट, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर हमला, कहा- व्यवस्था परिवर्तन की भेंट चढ़ा हृदय रोग विभाग
Tanda Medical College : हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान मच गया है। टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. मुकुल कुमार का शिमला तबादला होने से छह जिलों के हृदय रोगियों के इलाज पर बड़ा संकट आ खड़ा हुआ है। आम जनता से जुड़े इस अहम मुद्दे को लेकर पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 मई को जारी अधिसूचना के अनुसार, डॉ. मुकुल कुमार को तत्काल प्रभाव से चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय, शिमला में विशेष कार्य अधिकारी यानी ओएसडी के पद पर नियुक्त किया गया है। उनके इस तबादले से टांडा मेडिकल कॉलेज का हृदय रोग विभाग बिना प्रमुख के हो गया है। वहीं, इसी आदेश में हमीरपुर मेडिकल कॉलेज की फार्माकोलॉजी प्रोफेसर डॉ. रितु शितक को शिमला निदेशालय के ओएसडी पद से कार्यमुक्त कर वापस उनके मूल तैनाती स्थल पर भेजा गया है।
निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर होंगे मरीज
सुक्खू सरकार ने 6 ज़िलों के दिल के मरीजों के लिए हृदय रोग विभाग टांडा में भी तालाबंदी कर दी है। टांडा मेडिकल कॉलेज का कार्डियोलॉजी विभाग सुक्खू सरकार के व्यवस्था परिवर्तन की भेंट चढ़ गया है।
बिना चिकित्सक के हृदय रोग विभाग में लोगों का उपचार कैसे होगा? ह्रदय की आपातकालीन… pic.twitter.com/DN6MZPyzyq
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) June 8, 2026
विपक्ष के नेता जयराम ठाुकर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने छह जिलों के दिल के मरीजों के लिए टांडा के हृदय रोग विभाग में एक तरह से तालाबंदी कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विभाग मौजूदा सरकार के व्यवस्था परिवर्तन की भेंट चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष ने जनता की परेशानी को उजागर करते हुए कहा कि बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के हृदय रोग विभाग में लोगों का उपचार कैसे संभव होगा।
हृदय से जुड़ी आपातकालीन बीमारियों में समय पर इलाज ही मरीज की जान बचाता है। टांडा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नहीं होने की स्थिति में मरीजों को जान बचाने के लिए महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा, जो आम आदमी की जेब पर भारी बोझ है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को चेतावनी दी कि लोगों की जान के साथ किया जा रहा यह खिलवाड़ सरकार को बहुत महंगा पड़ेगा।
