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Stock Market Crash : शेयर बाजार में 'ब्लैक वेडनेसडे': सेंसेक्स 1758 अंक टूटा, निवेशकों के करोड़ों डूबे

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव से सहमे निवेशक, निफ्टी भी 24,350 के नीचे फिसला

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Stock Market Crash :  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल ने भारतीय शेयर बाजार में कोहराम मचा दिया है। होली की छुट्टी के बाद बुधवार को जब बाजार खुला, तो निवेशकों की धारणा पर वैश्विक संकट का असर साफ दिखा। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,758.22 अंक यानी 2.19 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 78,480.63 के स्तर पर आ गया।

निफ्टी में भी 530 अंकों की गिरावट

दलाल स्ट्रीट पर मची अफरा-तफरी का असर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी दिखा। निफ्टी 530.85 अंक (2.13 प्रतिशत) टूटकर 24,334.85 पर आ गया। बाजार के जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका है, जिसके कारण निवेशकों ने जोखिम उठाने के बजाय बिकवाली को प्राथमिकता दी।

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इन दिग्गज शेयरों की टूटी कमर

गिरावट के इस दौर में सबसे अधिक मार लार्सन एंड टुब्रो (L&T), टाटा स्टील, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे हैवीवेट शेयरों पर पड़ी। इन शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

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हालांकि, आईटी सेक्टर ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। इंफोसिस, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) जैसे शेयर बढ़त बनाने में कामयाब रहे, जिससे बाजार को कुछ हद तक मनोवैज्ञानिक राहत मिली।

कच्चे तेल और डॉलर का दबाव

वैश्विक बाजार में तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.87 प्रतिशत बढ़कर 82.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।

आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,295.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 8,593.87 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को थामने की कोशिश की थी। लेकिन बुधवार को वैश्विक परिस्थितियों ने घरेलू खरीदारी के प्रभाव को भी पीछे छोड़ दिया।

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