पंजाब BJP में हलचल: महासचिव पद से डॉ. जगमोहन सिंह राजू का इस्तीफा, संगठनात्मक जिम्मेदारियों से बनाई दूरी
Stir in Punjab BJP: पूर्व आईएएस अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार रहे राजू ने सार्वजनिक मुद्दों पर काम करने का हवाला दिया; केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के बाद बढ़ीं अटकलें
Stir in Punjab BJP: पंजाब भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर हलचल के संकेत देते हुए पार्टी के महासचिव जगमोहन सिंह राजू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पूर्व आईएएस अधिकारी राजू का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
डॉ. राजू ने 5 जून को संगठन मंत्री मंत्री श्रीनिवासुलु को संबोधित पत्र में अपने इस्तीफे की जानकारी दी। इस पत्र की प्रति प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों को भी भेजी गई है। उन्होंने रविवार सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी यह पत्र साझा किया।
अपने पत्र में राजू ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान उन्होंने भाजपा में उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में कार्य किया, जो उनके राजनीतिक जीवन के सबसे समृद्ध अनुभवों में से एक रहा। हालांकि, उन्होंने कहा कि पंजाब और देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर काम करने के लिए उन्हें अधिक समय और ऊर्जा की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वह अमृतसर को ‘पवित्र शहर’ का दर्जा दिलाने, पंजाब के युवाओं को शैक्षणिक सहायता, शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गरीब बच्चों के अधिकारों की रक्षा, अनुसूचित जातियों और सिख समुदाय के संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक परिवर्तन, नशे की समस्या, पंजाबी भाषा के संरक्षण और पंजाब के पानी तथा चंडीगढ़ जैसे विरासत संबंधी मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
राजू ने लिखा कि इन विषयों का पंजाब और देश के भविष्य से गहरा संबंध है और वह आने वाले समय में जनसंपर्क, शोध, लेखन, कानूनी हस्तक्षेप और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से इन मुद्दों को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों में व्यापक समय, यात्राएं और निरंतर सहभागिता की जरूरत होगी। ऐसे में किसी बड़े संगठनात्मक पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। इसलिए फिलहाल उन्हें ऐसी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए, जिनमें पूर्णकालिक योगदान की अपेक्षा हो।
डॉ. राजू कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय का जज बिजनेस स्कूल (University of Cambridge Judge Business School) में विजिटिंग फेलो और पंजाब यूनिवर्सिटी (Panjab University) के लोक प्रशासन विभाग में विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए उनका नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल माना जा रहा था, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने अंततः केवल सिंह ढिल्लों को यह जिम्मेदारी सौंपी।
उनका इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में राजू के इस्तीफे को पंजाब भाजपा के भीतर जारी असंतोष और अंदरूनी हलचलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी संगठन में होने वाले बदलाव और नेताओं की नाराजगी भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन सकती है। हालांकि, डॉ. राजू ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह पार्टी और जनहित के मुद्दों से जुड़े रहेंगे, लेकिन फिलहाल संगठनात्मक जिम्मेदारियों से दूरी बनाना चाहते हैं।
