राज्यों की कर हिस्सेदारी पर सीतारमण का जवाब, बोलीं- ‘किसी का हिस्सा नहीं घटाया’
16वें वित्त आयोग ने 2018-19 से 2022-23 तक राज्यों की कर हिस्सेदारी का विश्लेषण किया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को केंद्र से उनकी कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं होने संबंधी कुछ विपक्षी सांसदों के आरोपों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि सरकार ने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है। सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि सरकार ने बजट में पांच मेडिकल क्लस्टर, पांच मेगा औद्योगिक पार्क, बुजुर्ग देखभाल के लिए पेशेवरों को तैयार करने जैसी कई घोषणाएं की हैं, जिनसे लाखों रोजगारों का सृजन होगा।
सीतारमण ने कहा कि हम पर आरोप लगता है कि हम राज्यों की 41 प्रतिशत कर हिस्सेदारी का हस्तांतरण नहीं करते। मैं सदन के माध्यम से आश्वासन देती हूं कि हमने केंद्र के विभाज्य पूल में से किसी राज्य का हिस्सा नहीं घटाया है। 16वें वित्त आयोग ने 2018-19 से 2022-23 तक राज्यों की कर हिस्सेदारी का विश्लेषण किया। निष्कर्ष निकाला कि केंद्र से राज्यों को मिलने वाला यह धन आयोग की सिफारिश से पूरी तरह मेल खाता है और इसमें कोई कमी नहीं की गई है। अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कुल कर हस्तांतरण 25.44 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में 2.07 लाख करोड़ रुपये अधिक होगा।
सीतारमण ने कहा कि संविधान ने केंद्र को उपकर और अधिशेष लगाने का अधिकार दिया है। विभाज्य पूल में वह शामिल नहीं होता है, इसलिए राज्यों की कुल कर हिस्सेदारी की बात करते समय उपकर और अधिशेष संबंधी आरोप अनुचित हैं। केंद्र जो उपकर वसूलता है उसमें से भी राज्यों को अस्पताल, स्कूल और सड़क आदि के निर्माण के लिए सहायता देता है। यह बजट इस सदी के दूसरे चतुर्थांश के पहले साल का बजट है। इसमें 2026 से लेकर 2050 तक के कई सारे विषयों को समाहित किया गया है और दीर्घकालिक निवेश की कई योजनाओं की घोषणा की गई है। सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर विशेष ध्यान देते हुए बजट में स्पष्ट घोषणा की है कि जिन मध्यम उद्योगों की निर्यात बढ़ाने की क्षमता है, उन्हें और मदद दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की योजना है जहां चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, सहायक सुविधाएं एक ही जगह होंगी। इसके लिए किसी राज्य के नाम की घोषणा नहीं की गई है, बल्कि कोई भी राज्य इसके लिए पहल कर सकता है। इससे देश मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा। सीतारमण के अनुसार सरकार ने औद्योगिक क्लस्टर के पास मेगा उद्यमशीलता निर्माण केंद्र बनाने की घोषणा की है और ये भी किसी राज्य में बन सकते हैं। युवाओं को रोजगार देने के लिए बजट में कोई नीति नहीं होने संबंधी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए भी राज्यों के साथ काम करना चाहती है।
इन सारी योजनाओं से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार ने 200 'लीगसी क्लस्टर', जो दशकों से जाने जाते रहे हैं को आधुनिक बनाने के लिए धन देने का प्रस्ताव रखा है। इनमें लुधियाना, जालंधर और कानपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख युवाओं को इसी साल प्रशिक्षित करने की योजना है जो योग आदि में कुशल होंगे।
बजट में 'आइकोनिक टूरिज्म सेंटर' की घोषणा हुई है और यह भी रोजगार से जोड़ने वाली योजना है क्योंकि इसके तहत 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत दिव्यांग लोगों को आईटी और 'एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग व कॉमिक्स (एवीजीसी) जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बजट में नारियल संवर्धन घोषणा तत्काल एक करोड़ नारियल उत्पादक किसानों को लाभान्वित करेगी।

