SIR Row in Bengal : सुप्रीम कोर्ट में असामान्य नजारा, ममता की दलीलों को सुनने उमड़े वकील
बनर्जी एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पेश हो सकती हैं
SIR Row in Bengal : सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के अदालत कक्ष में बुधवार को उस समय वकील और वादी उमड़ पड़े जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शीर्ष अदालत की पीठ के समक्ष अपनी दलीलें रख रही थीं। बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दायर एक मामले में ऐसा किया।
पारंपरिक सफेद साड़ी और काले दुपट्टे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी समेत अपने अन्य वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट के प्रवेश द्वार पर पहुंचीं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शीर्ष अदालत के परिसर में प्रवेश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से प्रवेश पास के लिए आवेदन किया था और उन्हें यह पास मिल गया था।
बनर्जी के अदालत परिसर में प्रवेश करते ही, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने खुशी-खुशी उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं और अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। एलीवेटर पर कदम रखते समय, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने मीडियाकर्मियों के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वह स्वयं दलीलें पेश करेंगी। पूर्वाह्न लगभग 10 बजकर पांच मिनट पर बनर्जी अपने वकीलों के साथ प्रधान न्यायाधीश के न्यायालय में दाखिल हुईं और दर्शकों के लिए लगी एक कुर्सी पर बैठ गईं।
दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर जब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने उनकी याचिका पर सुनवाई शुरू की, तो उन्हें वकीलों के लिए आरक्षित पहली पंक्ति में देखा गया। कुछ समय तक वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने उनकी ओर से पैरवी की और बाद में बनर्जी ने स्वयं दलीलें पेश करने के लिए पीठ से अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। मामले की अगली सुनवाई नौ फरवरी को होगी। सूत्रों के अनुसार, बनर्जी एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पेश हो सकती हैं।

