दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना? बोलीं- मुझे देश से निकाला गया, लोगों से नहीं
हसीना का बांग्लादेश लौटने का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने डिजिटल माध्यम से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें अपने देश से जबरन दूर कर दिया गया, लेकिन वह कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि उनका बांग्लादेश लौटने का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश को फिर से विकास, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के रास्ते पर आगे बढ़ाना है।
नागरिक लोकतंत्र और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे
शेख हसीना ने कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई-अगस्त 2024 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन केवल शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे, बल्कि संगठित समूहों ने उन्हें हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि बांग्लादेश आज भी भय, आतंक, आर्थिक कठिनाइयों और असुरक्षा के माहौल से जूझ रहा है। देश के नागरिक लोकतंत्र और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस संघर्ष में बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए।
शेख हसीना ने कहा कि मेरी वापसी किसी राजनीतिक पद या सत्ता के लिए नहीं होगी, बल्कि देश के लोगों के हित में होगी ताकि बांग्लादेश फिर से विकास और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की दिशा में आगे बढ़ सके। भारत के साथ संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से बांग्लादेश का घनिष्ठ मित्र रहा है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक तथा मजबूत संबंध रहे हैं।
आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र
वहीं शेख हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने कहा कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 से राजनीतिक हत्याओं को वैध बना दिया गया है। आज बांग्लादेश एक विफल राष्ट्र है, देश में कानून-व्यवस्था नहीं है। नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश एक और पाकिस्तान बन गया है।

