Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

सेंसेक्स-निफ्टी का हाल: होर्मुज जलडमरूमध्य, अमेरिका-ईरान तनाव और FOMC से तय होगा बाजार का रुख

विशेषज्ञों का कहना है तिमाही नतीजों का सीजन खत्म, अब निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य, कच्चे तेल, FOMC के ब्योरे और FII की चाल पर रखेंगे नजर, पिछले हफ्ते सेंसेक्स 489 अंक और निफ्टी 204 अंक टूटा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
प्रतीकात्मक चित्र
Advertisement

स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त होने के बाद अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी।

रिलायंस ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ''निकट अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम और ब्रेंट कच्चे तेल की दिशा बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे। उन्होंने कहा कि तिमाही नतीजों का सीजन समाप्त हो चुका है और आने वाला सप्ताह आंकड़ों के लिहाज से अपेक्षाकृत हल्का रहेगा। ऐसे में निवेशकों का ध्यान वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा।''

Advertisement

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के ब्योरे से भी फेडरल रिजर्व के नीतिगत परिदृश्य को लेकर संकेत मिलेगा। एफओएमसी की बैठक का ब्योरा 19 अगस्त को जारी होगा। यदि फेडरल रिजर्व का रुख अपेक्षा से अधिक आक्रामक दिखाई देता है, तो इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी बढ़ सकती है और भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

Advertisement

एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा कि इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक अमेरिका-ईरान तनाव पर बना रहेगा। इसके अलावा एफओएमसी की बैठक के ब्योरे और विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह पर भी बाजार की नजर होगी।

बजाज ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखेंगे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चा तेल, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, एफओएमसी की बैठक का ब्योरा और चीन के आर्थिक आंकड़े इस सप्ताह बाजार को दिशा देने वाले प्रमुख संकेतक होंगे। इनसे वैश्विक आर्थिक वृद्धि और अमेरिकी केद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 489.92 अंक यानी 0.62 प्रतिशत टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 204.65 अंक यानी 0.83 प्रतिशत नीचे आया।

Advertisement
×