Ram Mandir Donation Case : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SC सख्त, SIT को जल्द जांच पूरी कर तार्किक नतीजे तक पहुंचने का सख्त निर्देश
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी जांच जल्द पूरी करे, वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल करे: सुप्रीम कोर्ट
Ram Mandir Donation Case : सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) से कहा कि वह अपनी जांच तेजी से पूरी करे और उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाए। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच में हुई प्रगति पर अपनी वस्तुस्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे।
पीठ ने अदालत द्वारा नियुक्त एसआईटी से यह भी कहा कि वह जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता में सुधार के लिए न्यायालय के सामने अलग-अलग पक्षकारों द्वारा दिए गए किसी भी सुझाव पर निष्पक्ष रूप से विचार करे। इसने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट की पड़ताल के बाद, न्यायालय राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान के प्रबंधन में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी कर सकता है।
शीर्ष अदालत ने 27 जुलाई को कथित चढ़ावा चोरी की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी के गठन का संज्ञान लिया था। इसने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि जांच टीम में एक फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल किया जाना चाहिए। यह उल्लेख करते हुए कि ''सुधारात्मक कदम उठाने होंगे'', पीठ ने कहा था कि ''पारदर्शिता सुनिश्चित करने'' के लिए कदम उठाए जाएंगे।
पीठ ने एसआईटी को दो हफ़्ते में वस्तुस्थिति रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया था। इसने 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वह मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की संभावना के बारे में जानकारी दे। पीठ ने 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश पुलिस को इस मामले में वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

