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Satya Niketan Incident: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एम्स में घायलों से की मुलाकात, हरसंभव मदद का भरोसा

Satya Niketan Incident: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे में जख्मी छात्रों के परिजनों से यहां एम्स में मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं...

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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) के ट्रॉमा सेंटर के दौरे के दौरान सत्य निकेतन भवन ढहने की त्रासदी में घायल हुए एक छात्र के परिवार के सदस्यों से बातचीत की। फोटो: पीटीआई द्वारा जारी
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Satya Niketan Incident: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन पीजी हादसे में जख्मी छात्रों के परिजनों से यहां एम्स में मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के मुताबिक, गुप्ता ने परिजनों से छात्रों के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली और कहा कि सरकार घायल छात्रों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।

उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और छात्रों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों से घायल छात्रों की स्थिति और उन्हें दिए जा रहे उपचार की विस्तृत जानकारी भी ली।

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सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही इमारत रविवार को दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान ढह गई। मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई जबकि पांच अन्य घायल हो गए।

सीएमओ के बयान के अनुसार, चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गंभीर रूप से घायल छात्रों के उपचार के लिए डॉक्टरों की टीम बनाई गई है जो लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रही है । गुप्ता ने परिजनों को आश्वस्त किया कि उपचार से जुड़ी किसी भी आवश्यकता में सरकार हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता घायल बच्चों का जीवन बचाना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को यह भी बताया कि सत्य निकेतन हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बयान में कहा गया है कि गुप्ता के सख्त निर्देशों पर दिल्ली में पीजी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा तेज कर दी गई है और नगर निगम को इनका निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार, संबंधित जोन के अधिकारियों को भवन सुरक्षा, आवश्यक अनुमतियों, अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण-पत्र और अन्य निर्धारित मानकों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

जोनल स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी इस पूरी कार्रवाई की निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने सत्य निकेतन में घटनास्थल के आसपास के भवनों में काम कर रहे श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जन-सुरक्षा के हित में दुर्घटना स्थल के पास बने जर्जर भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है।

बयान के मुताबिक, दिल्ली अग्निशमन सेवा के कर्मचारी व्यवस्थित तरीके से भवन के अंदर मौजूद छात्रों का सामान सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। इसमें सभी छात्रों और स्थानीय निवासियों से अधिकारियों का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। पुलिस ने भवन ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेवा से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर लिया है।

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