Sabarimala gold theft : शबरिमला सोना चोरी मामले में ईडी की तीन राज्यों में बड़ी कार्रवाई, 21 ठिकानों पर छापे
Sabarimala gold theft : शबरिमला में कथित सोना चोरी से जुड़े धन शोधन प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ व्यापक छापेमारी की। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत यह कदम...
Sabarimala gold theft : शबरिमला में कथित सोना चोरी से जुड़े धन शोधन प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ व्यापक छापेमारी की। एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत यह कदम उठाया है।
अधिकारियों के अनुसार, तीनों राज्यों में करीब 21 ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। इन ठिकानों में बेंगलुरु स्थित मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार तथा आभूषण कारोबार से जुड़े कुछ परिसरों के पते शामिल हैं।
क्यों हुई कार्रवाई
ईडी ने केरल पुलिस की प्राथमिकियों का संज्ञान लेते हुए नौ जनवरी को पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है और इसकी जांच पहले से ही केरल उच्च न्यायालय की निगरानी में राज्य के विशेष जांच दल कर रहा है।
जांच का दायरा क्या
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोप शबरिमला अयप्पा मंदिर की पवित्र कलाकृतियों से सोना चोरी करने की कथित साजिश से जुड़े हैं। इसमें शामिल हैं
- द्वारपालक मूर्तियों की सोने से मढी तांबे की प्लेटें
- श्रीकोविल के दरवाजों के फ्रेम से सोना हटाने के आरोप
- आधिकारिक अभिलेखों में सोने को तांबे की प्लेट बताकर दर्ज करना
धन शोधन का शक कैसे
ईडी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि 2019 से 2025 के बीच पवित्र कलाकृतियों को मंदिर परिसर से गैरकानूनी रूप से हटाया गया। बाद में चेन्नई और कर्नाटक के कुछ निजी प्रतिष्ठानों में रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिये सोना निकाला गया। इससे कथित तौर पर अपराध की आय पैदा हुई, जिसे अपने पास रखा गया, हस्तांतरित किया गया और छिपाया गया।
ईडी क्या तलाश रही है
- एजेंसी के मुताबिक, तलाशी का मकसद
- कथित अवैध धन का पता लगाना
- लाभार्थियों की पहचान करना
- आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त करना
- पूरे धन शोधन नेटवर्क को उजागर करना
ईडी अधिकारियों का यह भी कहना है कि जांच में मंदिर में चढावे और अनुष्ठानों से जुड़े धन के दुरुपयोग सहित अन्य वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

