Russia Oil Row: अमेरिका ने भारत को दी खरीद की इजाजत, कांग्रेस ने उठाए सरकार की नीति पर सवाल
Russia Oil Row: रमेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उसे “कायर और समझौतावादी” बताया
Russia Oil Row: रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका के एक बयान ने भारत में सियासी बहस छेड़ दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने कहा है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए अमेरिका ने भारत को समुद्र में मौजूद खेपों से रूसी तेल खरीदने की ‘अनुमति’ दी है। इस बयान के सामने आने के बाद भारत में राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उसे “कायर और समझौतावादी” बताया है।
अमेरिका ने कहा है कि उसने पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति आसान बनाने के मकसद से भारत को उन पोत पर लदे रूसी तेल की खरीद की ''अनुमति'' दे दी है, जो पहले से समुद्री मार्गों पर हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को 'फॉक्स बिजनेस' को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ''दुनिया में तेल की पर्याप्त आपूर्ति है। वित्त मंत्रालय ने भारत में हमारे सहयोगियों को उस रूसी तेल की खरीद शुरू करने की कल सहमति दे दी जो पहले से समुद्र में है।''
उन्होंने कहा, ''भारतीयों ने बहुत अच्छा सहयोग दिया। हमने उनसे कहा था कि वे प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद बंद कर दें। उन्होंने ऐसा किया। वे इसकी जगह अमेरिकी तेल लेने वाले थे लेकिन दुनिया भर में तेल की अस्थायी कमी को दूर करने के लिए हमने उन्हें रूसी तेल स्वीकार करने की अनुमति दे दी है। हम रूसी तेल के अन्य प्रकारों से भी प्रतिबंध हटा सकते हैं।''
अमेरिकी वित्त मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर 'कायर और समझौतावादी' होने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा 'फॉक्स न्यूज' को दिए साक्षात्कार की एक वीडियो क्लिप साझा की जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका के कहने पर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था, लेकिन दुनिया भर में तेल की उपलब्धता की कमी के कारण भारत को फिलहाल के लिए रूस से ''तेल खरीदने की अनुमति'' दे दी गई है।
रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''अमेरिकी वित्त मंत्री ने मोदी सरकार को राष्ट्रपति ट्रंप के आदेशों का ईमानदारी से पालन करने का प्रमाण पत्र दिया है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता खुद को '56 इंच के सीने' वाला बताता है, वह कितना कायर और समझौता-परस्त हो चुका है, इसके बारे में क्या कुछ और कहने की जरूरत है?

