रीजीजू ने संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए राहुल का सहयोग मांगा, परिसीमन पर भी हुई चर्चा
कांग्रेस नेता की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला
संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के प्रयास के तहत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर मानसून सत्र की शेष अवधि के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग मांगा।
सूत्रों ने बताया कि इस दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों को फिर से पेश किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, लेकिन कांग्रेस नेता की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। कुछ राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद, संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर पिछले सत्र में पारित नहीं हो सके परिसीमन विधेयक और नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक को दोबारा पेश किया जा सकता है। अभी विशेष सत्र बुलाने पर विचार करने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि मौजूदा मानसून सत्र समाप्त होने में अभी एक सप्ताह का समय शेष है और इसका समापन 13 अगस्त को होना है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद
सूत्रों ने बताया कि करीब 50 मिनट तक चली इस बैठक में रीजीजू ने न तो मौजूदा सत्र की अवधि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव रखा और न ही विशेष सत्र बुलाने का मुद्दा उठाया। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस नेता से परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष के रुख के बारे में जानकारी ली। रीजीजू संसद भवन परिसर स्थित राहुल गांधी के कार्यालय पहुंचे थे, जहां हुई बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा भी मौजूद थीं।
शाह के जवाब की मांग से पीछे नहीं हटेगी
बाद में कांग्रेस के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई और पार्टी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल भी बैठक में शामिल हुए। राहुल गांधी ने रीजीजू से बातचीत में सरकार को अपने इस रुख से अवगत कराया कि कांग्रेस राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग से पीछे नहीं हटेगी।
शाह की अनुपस्थिति का लगातार मुद्दा उठा
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले परिसीमन विधेयक इसी सत्र में पेश किया जाएगा या नहीं। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराने के दौरान सदन में बोल सकते हैं। विपक्ष सदन की कार्यवाही के दौरान अमित शाह की अनुपस्थिति का लगातार मुद्दा उठाता रहा है।

