Resource Partnership: राष्ट्रपति मुर्मू ने खनन क्षेत्र में भारत-उज्बेकिस्तान साझेदारी को बताया भविष्य के लिए अहम
Resource Partnership: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच खनन क्षेत्र , खेती, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उज्बेकिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच राष्ट्रपति...
Resource Partnership: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच खनन क्षेत्र , खेती, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
उज्बेकिस्तान गणराज्य के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलने आए थे। इस दौरान मुर्मू ने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध हैं, जिनकी जड़ें प्राचीन व्यापारिक मार्गों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि स्थापत्य कला, भाषा, खान-पान, संगीत और धार्मिक परंपराओं में साझा विरासत ने दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत किया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि उज्बेक प्रतिनिधिमंडल में उच्च-स्तरीय नेताओं की मौजूदगी और इस यात्रा के दौरान भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच का आयोजन, दोनों तरफ के व्यवसायों का एक-दूसरे के बाजारों में बढ़ता भरोसा दिखाता है।
राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने खनन क्षेत्र , कृषि, फार्मास्यूटिकल्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग की अपार संभावनाओं पर भी जोर दिया।
मुर्मू को यह जानकर खुशी हुई कि उज्बेकिस्तान के 3,000 से अधिक अधिकारी, पेशेवर और छात्र देश के आईटीईसी प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य छात्रवृत्ति कार्यक्रम से लाभान्वित हुए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि 16,000 से अधिक भारतीय छात्र भी उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच वे एक पुल का काम करते हैं और आपसी समझ एवं लोगों के बीच मजबूत संबंध को बढ़ावा देते हैं। बयान में कहा गया है कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि इस यात्रा के दौरान हुई बातचीत दोनों देशों के बीच मित्रता, भरोसे और सहयोग के रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगी।

