आरबीआई ने नहीं बदली रेपो दर, वृद्धि दर का अनुमान घटाया
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच महंगाई बढ़ने के जोखिम को देखते हुए बुधवार को नीतिगत दर रेपो को यथावत रखा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की छह अप्रैल...
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच महंगाई बढ़ने के जोखिम को देखते हुए बुधवार को नीतिगत दर रेपो को यथावत रखा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की छह अप्रैल से शुरू तीन-दिवसीय बैठक में लिए गए इन निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय किया है।’ गौर हो कि रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। रेपो दर न बदलने का मतलब है आवास, वाहन और वाणिज्यिक कर्ज की मासिक किस्त जस-की-तस रहने की संभावना। इसके साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुमानित 7.6 प्रतिशत से कम है। मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक तीन से पांच जून को होगी।

