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Ranchi Protest : डिप्रेशन-पैनिक अटैक से जूझ रही हूं, मैं गोल्ड मेडलिस्ट हूं फिर भी... पेपर लीक ने तोड़ दिए सपने, सड़क पर उतरी छात्रा

मुंडा स्टेडियम में चल रहे JPSC और JSSC भर्ती अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा

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Ranchi Protest : एक समय हर परीक्षा में अव्वल रहने वाली यूनिवर्सिटी टॉपर और गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा आज नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर बैठी है। झारखंड के जामताड़ा की रहने वाली प्रतीक्षा कुमारी श्रीवास्तव (26) इन दिनों रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे JPSC और JSSC भर्ती अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा हैं। उनकी कहानी सिर्फ एक छात्रा की नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की है जो सालों की मेहनत के बाद भी व्यवस्था पर सवाल उठाने को मजबूर हैं।

'मेहनत की, लेकिन हर बार टूटा भरोसा'

प्रतीक्षा बताती हैं कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया, बी.एड. पूरा किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती रहीं। पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने की खबर उनकी उम्मीदों को झटका दे देती है। इस अनिश्चितता ने उन्हें मानसिक रूप से इतना प्रभावित किया कि अब वे डिप्रेशन और पैनिक अटैक जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं।

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सिर्फ परीक्षा नहीं, सामाजिक दबाव भी बड़ी चुनौती

रांची में रहकर पढ़ाई करने वाली प्रतीक्षा के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण है। माता-पिता अपनी जरूरतें कम करके उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। दूसरी ओर समाज और रिश्तेदारों के सवाल- "नौकरी कब मिलेगी?" और "शादी कब होगी?" उन पर मानसिक दबाव बढ़ाते हैं। परिवार का सहारा बनने की उम्र में आज भी उन पर निर्भर रहना उन्हें अंदर से तोड़ देता है।

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सड़क पर क्यों उतरना पड़ा?

प्रतीक्षा का कहना है कि जब शांतिपूर्ण तरीके से उठाई गई मांगों पर कोई सुनवाई नहीं होती, तब आंदोलन ही आखिरी रास्ता बचता है। वे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्पष्ट कट-ऑफ, समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया भरोसेमंद और समय पर हो, तो लाखों युवाओं का भविष्य संवर सकता है।

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