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Ram Mandir Theft investigation: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तेज हुई कार्रवाई, अगले महीने के अंत तक आएगा आरोपपत्र

Ram Mandir Theft investigation: अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  गौरव ग्रोवर ने शनिवार को कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच 90 दिन के भीतर पूरी कर सितंबर के अंत तक अदालत में आरोपपत्र दाखिल...

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प्रतीकात्मक फोटो
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Ram Mandir Theft investigation: अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  गौरव ग्रोवर ने शनिवार को कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच 90 दिन के भीतर पूरी कर सितंबर के अंत तक अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा।

ग्रोवर ने संवाददाताओं से कहा कि मौजूदा विशेष जांच दल  अलग से कोई जांच नहीं कर रहा है, बल्कि वह पुलिस की जांच में समन्वय स्थापित करने के साथ उच्च मानकों के अनुरूप जांच के लिए सलाहकार की भूमिका निभा रहा है। इस जांच दल के अध्यक्ष लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस हैं, जिन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में पांच वर्ष काम करने का अनुभव है।

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उन्होंने कहा कि एसआईटी के समन्वय से जांच आगे बढ़ रही है और जांच दल ने मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच पूरी कर ली है। ग्रोवर ने कहा कि वह स्थानीय स्तर पर की जा रही जांच की लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक परामर्श भी दे रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 जुलाई को उच्चतम न्यायालय को बताया था कि उसने राम मंदिर के चढ़ावा की चोरी की जांच के लिए आईजी किरण एस के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से एसआईटी में पांचवें सदस्य के तौर पर एक लेखा-परीक्षक  को शामिल करने को कहा था, जो दो सप्ताह के भीतर अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट सौंपेगा।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया। मेहता ने न्यायालय को बताया था कि शीर्ष अदालत के सुझाव के बाद 25 जुलाई को जारी अधिसूचना के माध्यम से एसआईटी का गठन किया गया था।

एसआईटी में पुलिस उपमहानिरीक्षक  स्तर के अधिकारी के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक भी शामिल होंगे। इससे पहले 20 जुलाई को पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि वह चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की संभावना के बारे में जानकारी दे।

इस बीच, मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में अब तक किसी बड़े जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।

सूत्रों ने बताया कि इससे पहले राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे। चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में 25 जून को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

जांच अधिकारी एवं अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर दस्तावेजों को अद्यतन किया जा रहा है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि बार चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिकी में इन तीनों के नाम शामिल नहीं किए गए, तो वे जल्द ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत का रुख करेंगे।

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