Ram Mandir Donation Row: चढ़ावा मामले में कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, पूछे तीन सवाल
Ram Mandir Donation Row: केसी वेणुगोपाल और कुमारी सैलजा ने उठाए सवाल; प्रधानमंत्री की चुप्पी पर निशाना, ट्रस्ट और चढ़ावे की जांच कराने की मांग
Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल और सांसद कुमारी सैलजा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की।
के. सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के चलते मंदिर निर्माण के लिए दान दिया।
वेणुगोपाल ने पूछे तीन सवाल
- वेणुगोपाल ने कहा, अब जब चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं तो प्रधानमंत्री इस मामले पर चुप क्यों हैं?
- कांग्रेस और देश की जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब प्रधानमंत्री क्यों नहीं दे रहे हैं?
- मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के आदेश क्यों नहीं दिए जा रहे? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) वर्षों से राम मंदिर के नाम पर राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इस मुद्दे का राजनीतिक और व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया और अब श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे में कथित गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं।
अभी बहुत बड़ा मुद्दा है, जो श्री के. सी. वेणुगोपाल जी ने आपके सामने रखा। अयोध्या राम मंदिर के नाम पर ये 1990-91 से राजनीति करते आए हैं। पहले इसे कमर्शियल बनाया और अब तो लुटेरे हो गए हैं। भगवान श्री राम जी के नाम पर लोगों की जो आस्था रही है, उस आस्था की इन्होंने धज्जियां उड़ाई… pic.twitter.com/oAWEKcU0uD
— Kumari Selja (@Kumari_Selja) July 10, 2026
सैलजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है, लेकिन इतने बड़े मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि केवल कुछ कर्मचारियों के इस्तीफे लेने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उनके अनुसार, असली जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
प्रेस वार्ता के दौरान सैलजा ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में सोने की कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया और भाजपा पर धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिरों में दान और आभूषण चढ़ाते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि किसी अन्य मामले में आरोप लगते हैं तो केंद्रीय एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं, लेकिन इस मामले में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई।

