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राहुल बोले- मोदी सरकार और प्रधान ने जवाबदेही से मुंह मोड़ा, अब शिक्षा में क्रांति का समय

राहुल गांधी पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित धांधलियों के विषय पर 'छात्रों की गूंज' अभियान चला रहे

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राहुल गांधी। फाइल फोटो
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि मोदी सरकार व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जवाबदेही से मुंह मोड़ लिया है। उन्होंने 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले यह भी कहा कि शिक्ष में क्रांति का वक्त आ गया है।

राहुल गांधी पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित धांधलियों के विषय पर 'छात्रों की गूंज' अभियान चला रहे हैं। इसके तहत पिछला कार्यक्रम राजस्थान के कोटा में आयोजित किया गया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि देश के छात्र आज भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए ''भ्रष्ट, अन्यायी, पक्षपाती और बेईमान'' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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वर्षों की मेहनत को एक झटके में बर्बाद

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था अब "बेईमान वसूली तंत्र" बन चुकी है और जो व्यवस्था बच्चों का भविष्य संवारने के लिए बनाई गई थी, वही उन्हें तथा उनके परिवारों को कर्ज, तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार ने ''पेपर लीक माफिया'' को जन्म दिया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत को एक झटके में बर्बाद कर देता है।

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'छात्रों की गूंज' को और बुलंद करें

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में दोषी 'वेंडर्स' और अधिकारियों को कार्रवाई के बजाय ठेके और तरक्की मिलती है, जबकि इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे इस स्थिति से अवगत होने के बावजूद जवाबदेही तय करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।

राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे पर मीडिया में भी सन्नाटा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ''बहुत हुआ - अब वक़्त है शिक्षा में क्रांति का। 17 जुलाई, देहरादून - मेरे साथ आइए, 'छात्रों की गूंज' को और बुलंद करें।

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