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Rahul Gandhi Case : राहुल गांधी को कोर्ट से राहत, आवाज का सैंपल जांचने की मांग वाली याचिका खारिज

राहुल गांधी को अदालत से मिली राहत, आवाज के नमूने की जांच की याचिका खारिज

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Rahul Gandhi Case : सुलतानपुर जिले की विशेष सांसद-विधायक अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले में एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें उनकी आवाज के नमूने की जांच का आदेश देने का आग्रह किया गया था। वादी पक्ष ने विशेष अदालत के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।

अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान उनके राहुल गांधी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से जुड़े मामले में अदालत ने बुधवार को याचिका खारिज की। शुक्ला ने बताया कि यह याचिका इसलिए दायर की गई थी कि पत्रावली में संलग्न सीडी और राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) से कराया जाए।

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उन्होंने बताया कि अदालत ने पाया कि यह अनुरोध काफी देर से दिया गया था, जो पूरी तरह से आधारहीन और कमजोर है। शुक्ला के मुताबिक अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत ने अपने विवेक का सही इस्तेमाल किया है और इसमें किसी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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राहुल गांधी द्वारा अमित शाह पर की गई कथित टिप्पणी के खिलाफ भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुलतानपुर की अदालत में परिवाद दायर किया था। गांधी अदालत से वारंट जारी होने के बाद इस मामले में पहली बार 20 फरवरी 2024 को न्यायालय में हाजिर हुए थे और उन्हें 25-25 हजार रुपए के दो मुचलकों पर उन्हें जमानत दे दी गयी थी। इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था और अंतिम बार 20 फरवरी 2026 को वह अदालत में अपना पक्ष रखने पहुंचे थे।

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