MSP को लेकर राहुल गांधी का हमला, बोले- सरकार अपने स्वार्थ के लिए कृषि कुर्बान करने को तैयार
Farmers Issue:
Farmers Issue: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में अपने एक लिखित प्रश्न और सरकार के जवाब का हवाला देते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को कुर्बान करने के लिए भी तैयार है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह किसानों के अधिकार और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर आवाज़ उठाते रहेंगे। राहुल गांधी ने अपने अतारांकित प्रश्न और सरकार के उत्तर की प्रति साझा करते हुए फेसबुक पर लिखा, "लोकसभा में मैंने सरकार से सीधा सवाल पूछा था कि 2021 में किसानों से किया गया 'सी2+50 प्रतिशत' कानूनी MSP का वादा अब तक लागू क्यों नहीं हुआ? सरकार ने जवाब देने से बचते हुए सिर्फ अपनी पुरानी MSP की नीति दोहरा दी।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि उसने राज्यों पर MSP बोनस खत्म करने का दबाव डाला और उसने इसे बिना किसी तर्क के "राष्ट्रीय प्राथमिकताओं" के नाम पर सही ठहराया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "एक और गंभीर सवाल यह है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में "गैर व्यापारिक अवरोध" घटाने की बात कही गई है। क्या इसका मतलब MSP और सरकारी खरीद को कमजोर करना है? सरकार इस सवाल से भी बच रही है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों से किया वादा निभाना नहीं चाहती और वह ''अपने स्वार्थ के लिए भारतीय कृषि को कुर्बान करने को भी तैयार'' है। राहुल गांधी ने कहा, "हम किसानों के अधिकार और MSP की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर आवाज उठाते रहेंगे।"
रायबरेली से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी ने 10 मार्च को लिखित प्रश्न किया था कि क्या सरकार ने 2021 में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों से वादा किया था कि वह सभी फसलों के लिए "सी2+50 प्रतिशत " की दर से विधिक गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने पर विचार करेगी? इसके उत्तर में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, "प्रत्येक वर्ष, सरकार राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के सुझावों पर विचार करने के बाद कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर पूरे देश में 22 अधिदेशित कृषि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित करती है।"
मंत्री ने यह भी कहा था कि वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में MSP को उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुना के स्तर पर रखने के लिए पूर्व-निर्धारित सिद्धांत की घोषणा की गई थी। उन्होंने, "इसी के अनुसार, सरकार ने वर्ष 2018-19 से उत्पादन की औसत लागत पर 50 प्रतिशत के न्यूनतम रिटर्न के साथ सभी अधिदेशित खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों के लिए MSP में वृद्धि की थी, जिससे देश भर के किसान लाभान्वित हुए हैं।"

