RSS Defamation Case: राहुल भिवंडी की अदालत में पेश हुए, सपकाल को नया जमानतदार बनाया
RSS Defamation Case: राहुल को इस मामले में एक नया जमानतदार पेश करने के लिए कहा था
RSS Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यकर्ता द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि के मामले में नया जमानतदार पेश करने के लिए शनिवार को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक मजिस्ट्रेट की अदालत में उपस्थित हुए और उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपना नया जमानतदार नामित किया।
भिवंडी जाते समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने राहुल को काले झंडे दिखाए। वह सपकाल और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अदालत परिसर में पहुंचे। राहुल द्वारा नए जमानत बॉण्ड पर हस्ताक्षर करने सहित कानूनी कार्यवाही आधे घंटे के भीतर पूरी हो गई। इस मामले में सपकाल को उनका नया जमानतदार बनाया गया है।
पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने पुष्टि की कि प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी हो गईं। अय्यर ने कहा, ''हमें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा। राहुल को भविष्य की सुनवाइयों में व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट दे दी गई है, लेकिन हम उचित समय पर अपने बचाव पक्ष के गवाहों को पेश करेंगे।''
उन्होंने कहा कि जमानत की औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद अब जांच अधिकारी (आईओ) से जिरह फिर से शुरू होगी और यह स्पष्ट किया कि राहुल से कोई जिरह नहीं की गयी। RSS के स्वयंसेवक राजेश कुंते ने अदालत में शिकायत दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोनाले गांव में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था। कुंते ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपनी शिकायत में कहा कि इस झूठी टिप्पणी से RSS की छवि धूमिल हुई है। मामले की सुनवाई के दौरान कुंते से जिरह हो चुकी है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुंबई में राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाए और इसे एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का जवाब बताया।
गांधी सुबह छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और 2014 के मानहानि मामले में अदालत में पेश होने के लिए सड़क मार्ग से पड़ोसी ठाणे जिले के भिवंडी के लिए रवाना हुए। भाजपा समर्थकों के एक समूह ने मुलुंड टोल नाका पर विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहलों का विरोध करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने गांधी पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया। भाजपा के एक समर्थक ने कहा, ''राहुल गांधी प्रधानमंत्री के हर कदम का लगातार विरोध करते हैं। यहां तक कि देश से जुड़े मुद्दों पर भी। एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर भारत की छवि खराब की। इसीलिए हमने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।''
सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए पुलिस ने गांधी के दौरे के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस बीच, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन को ''राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास'' करार दिया। सावंत ने सत्तारूढ़ पार्टी पर जनता के सवालों का जवाब न होने के कारण नौटंकी का सहारा लेने का आरोप लगाया।
सावंत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भाजपा के ''समर्पण'' पर सवाल उठाए और अमेरिकी निवेशक जेफ्री एप्सटीन से संबंधित मामलों पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को जनता को जवाब देना होगा।
सावंत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में किसानों के हितों को दांव पर लगाकर महाराष्ट्र और देश के किसानों के भविष्य से समझौता किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने भी 'काला झंडा' दिखाकर किए गए प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक मानदंडों का ''अपमानजनक'' उल्लंघन बताया।
पार्टी के ठाणे शहर प्रमुख मनोज प्रधान ने कहा, ''राहुल गांधी देश के सर्वोच्च सदन में विपक्ष के नेता के रूप में संवैधानिक पद पर हैं। उन्हें इस तरह से काला झंडा दिखाना सरासर गलत है। लोकतंत्र इस तरह से काम नहीं करता।'' प्रधान ने कहा कि गांधी आम भारतीयों के मुद्दों को उठाते हैं, वह सच्चे देशभक्त हैं।

