Great Nicobar Row : ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट देश का सबसे बड़ा घोटाला, आदिवासियों के खिलाफ है यह 'अपराध' : राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा—विकास के नाम पर 160 वर्ग किलोमीटर वर्षा वन को खत्म करने की रची जा रही साजिश
Great Nicobar Row : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह में चल रही विकास परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को एक बयान जारी कर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो कुछ हो रहा है, वह न केवल पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है, बल्कि आदिवासियों की विरासत के खिलाफ एक बड़ा अपराध और देश का सबसे बड़ा घोटाला है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को निकोबार का दौरा किया था और वहां के स्थानीय निवासियों से संवाद किया था। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी यात्रा का एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
राहुल गांधी ने अपने वीडियो संदेश में कहा, "मैंने ग्रेट निकोबार की यात्रा की और अपने जीवन में ऐसे असाधारण जंगल कभी नहीं देखे। यहां बहुत पुराने पेड़ हैं जिन्हें पनपने में कई पीढ़ियां लग गईं।" उन्होंने दावा किया कि सरकार जिसे 'प्रोजेक्ट' कह रही है, वह वास्तव में 160 वर्ग किलोमीटर में फैले वर्षा वनों (Rainforest) को खत्म करने की योजना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परियोजना के लिए लाखों पेड़ों को काटने के लिए चिह्नित किया गया है, जो प्रकृति के साथ एक क्रूर मजाक है।
घरों को छीनने और उपेक्षा का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने स्थानीय समुदायों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि इस द्वीप के लोग शानदार हैं, लेकिन उनसे उनका वह हक छीना जा रहा है जिस पर उनका असली अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के इस कथित मॉडल में स्थानीय समुदायों की पूरी तरह उपेक्षा की गई है और उनके घर छीने जा रहे हैं।
राहुल ने चेतावनी देते हुए कहा, "यह विकास नहीं, बल्कि विकास के नाम पर विनाश है। ग्रेट निकोबार में जो किया जा रहा है, वह हमारी प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ एक गंभीर अपराध है।" उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस अनमोल पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए इस परियोजना को तत्काल रोका जाना चाहिए। राहुल ने साफ किया कि अगर आज इसे नहीं रोका गया, तो आने वाली पीढ़ियां एक अपूरणीय क्षति की गवाह बनेंगी।

