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Punjab Politics: अकाली दल के विधायक मनप्रीत अयाली 'वारिस पंजाब दे' में शामिल, कहा- अभी नहीं देंगे इस्तीफा

खदूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई और बंदी सिखों की मुक्ति को बताया अपना मुख्य एजेंडा; 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अभियान का आगाज

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चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली को पार्टी नेताओं ने सम्मान स्वरूप सिरोपा पहनाकर अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल किया। इस अवसर पर सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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Punjab Politics: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली मंगलवार को 'अकाली दल (वारिस पंजाब दे)' संगठन में शामिल हो गए हैं। अयाली ने खदूर साहिब से हिरासत में लिए गए सांसद अमृतपाल सिंह की रिहाई, बंदी सिखों की मुक्ति और पंजाब की तरक्की को अपना मुख्य एजेंडा बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है।

लोकतांत्रिक तरीके से उठाएंगे पंजाब के मुद्दे

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अयाली ने कहा कि 'अकाली दल-वारिस पंजाब दे'  पंजाब की सभी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाएगा। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने अयाली का संगठन में स्वागत किया। इस अवसर पर 'वारिस पंजाब दे' के संस्थापक दिवंगत दीप सिद्धू के भाई मनदीप सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। मनदीप सिद्धू ने कहा कि अयाली का संगठन में शामिल होना 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत है।

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शिअद से नहीं देंगे इस्तीफा

चूंकि 'वारिस पंजाब दे' अभी कोई पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, इसलिए अयाली सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल के विधायक बने रहेंगे। अयाली ने स्पष्ट किया, "मैं फिलहाल शिरोमणि अकाली दल से इस्तीफा नहीं दूंगा।" खालिस्तान को 'वारिस पंजाब दे' के एजेंडे में शामिल करने के एक अन्य सवाल के जवाब में अयाली ने कहा कि उनका संगठन भारत के संविधान का पूरी तरह से पालन करता है।

बीबीएमबी को बताया असंवैधानिक

मीडियाकर्मियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अयाली ने कहा कि उन्होंने पंजाब, सिख पंथ के मुद्दों को उठाने और चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की मांग के लिए 'वारिस पंजाब दे' से हाथ मिलाया है। इस दौरान उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) को भी असंवैधानिक करार दिया।

युवाओं को नशे से बचाना मुख्य लक्ष्य: तरसेम सिंह

इस मौके पर तरसेम सिंह ने कहा कि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का गठन पंजाब के युवाओं को नशे और बेरोजगारी से बचाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि 'वारिस पंजाब दे' गायक से कार्यकर्ता बने दीप सिद्धू द्वारा लगाया गया एक पौधा था। तरसेम ने कहा, "हम इस पौधे को सींच रहे हैं और युवाओं को नशे से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। अमृतपाल निर्दोष है और उसे गलत तरीके से जेल में रखा गया है।"

उन्होंने अमृतपाल को संसद में भेजने के लिए पंजाबियों का आभार जताते हुए कहा कि पंजाबी किसी भी तरह की धक्केशाही के खिलाफ हैं। तरसेम सिंह ने दुख जताया कि अमृतपाल को संसद की कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा रही है और न ही उन्हें रिहा किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पंथक नेताओं और अकाली दल-पुनर सुरजीत के साथ एकजुट होने की कोशिश की थी, लेकिन वह सिरे नहीं चढ़ सकी। उन्होंने कहा, "हम अयाली का अपने संगठन में स्वागत करते हैं और भविष्य में अन्य समान विचारधारा वाले नेताओं को भी अपने साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करेंगे।"

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