मास CL पर पंजाब सरकार सख्त, लाखों कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश
27 अगस्त को करीब चार लाख कर्मचारियों ने DA बकाया, पुरानी पेंशन योजना बहाली समेत मांगों को लेकर ली थी सामूहिक छुट्टी; यूनियनें बोलीं- दबाव से आंदोलन और तेज होगा
पंजाब सरकार ने 27 अगस्त को सामूहिक कैजुअल लीव पर गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उस दिन कथित तौर पर अनधिकृत छुट्टी लेने वाले कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाएं। कर्मचारियों से पूछा जाएगा कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब कर्मचारी यूनियनें रविवार को बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय करने वाली हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार की कार्रवाई कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश है। उनका दावा है कि इससे आंदोलन खत्म होने के बजाय और तेज हो सकता है।
पहले मांगी गई थी कर्मचारियों की सूची
यह निर्देश कार्मिक विभाग की ओर से पहले जारी उस आदेश के बाद आया है, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों से 27 अगस्त को अनधिकृत छुट्टी पर रहने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा गया था।
कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर करीब चार लाख पंजाब सरकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को सामूहिक कैजुअल लीव ली थी। कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ते (DA) को जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और लंबे समय से लंबित अन्य सेवा संबंधी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं।
इस सामूहिक अवकाश का आह्वान ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने किया था। यूनियनों ने राज्यभर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के इसमें शामिल होने का दावा किया था।
सरकार की कार्रवाई से यूनियनें नाराज
सरकार की ओर से शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश से कर्मचारी संगठन नाराज हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कार्रवाई की धमकी देने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए।
सांझा मुलाजिम मंच के संयोजक और कर्मचारी नेता सुखचैन खेड़ा ने कहा कि सरकार एक तरफ अधिकारियों को कर्मचारियों के पास भेजकर 18 प्रतिशत DA देने और बकाया राशि तीन वार्षिक किस्तों में जारी करने की बात कर रही है, जबकि दूसरी तरफ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगे।
रविवार की बैठक में तय होगी अगली रणनीति
कर्मचारी यूनियनें रविवार को बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगी। माना जा रहा है कि शो-कॉज नोटिस जारी करने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठेगा।
कर्मचारी नेताओं के संकेतों से स्पष्ट है कि सरकार के इस कदम से दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ सकता है। यूनियनों का कहना है कि यदि सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई तो आंदोलन को और तेज करने के विकल्प पर विचार किया जाएगा।

